विश्व पर्यटन दिवस पर भाकृअनुप-एमजीएफआरआई, मोतिहारी ने महात्मा गांधी संग्रहालय में स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान का किया आयोजन

विश्व पर्यटन दिवस पर भाकृअनुप-एमजीएफआरआई, मोतिहारी ने महात्मा गांधी संग्रहालय में स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान का किया आयोजन

28 सितंबर, 2026, मोतिहारी, बिहार

“स्वच्छ पर्यटक स्थल” विषय के तहत स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) - 2026 के एक भाग के रूप में और विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर, भाकृअनुप–महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, मोतिहारी ने बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित चंद्रहिया के महात्मा गांधी संग्रहालय में स्वच्छता और सामुदायिक जागरूकता अभियान का आयोजन किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण सार्वजनिक और विरासत स्थलों के संरक्षण के लिए स्वच्छता, जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन, जन भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना था। इस पहल का आयोजन डॉ. राघवेंद्र सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-एमजीएफआरआई, के मार्गदर्शन में किया गया।

ICAR-MGIFRI, Motihari Organises Cleanliness and Awareness Drive at Mahatma Gandhi Museum on World Tourism Day

इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि विरासत और पर्यटक स्थलों की स्वच्छता उनके संरक्षण का अभिन्न अंग है और इससे क्षेत्र की छवि बेहतर होती है। चंपारण के महात्मा गांधी और चंपारण सत्याग्रह के साथ ऐतिहासिक संबंध को रेखांकित करते हुए उन्होंने संस्थानों, आगंतुकों और स्थानीय समुदायों द्वारा ऐसे स्थलों को स्वच्छ, प्लास्टिक-मुक्त और आगंतुक-अनुकूल बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।

चंद्रहिया स्थित महात्मा गांधी संग्रहालय का संबंध 1917 के चंपारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी की चंपारण की ऐतिहासिक यात्रा से है, जिससे यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का एक महत्वपूर्ण स्थल बन जाता है। स्वच्छता अभियान में संग्रहालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों को शामिल किया गया, जहां प्रतिभागियों ने कचरा, प्लास्टिक अपशिष्ट और अन्य मलबा एकत्र कर हटाया।

ICAR-MGIFRI, Motihari Organises Cleanliness and Awareness Drive at Mahatma Gandhi Museum on World Tourism Day

जागरूकता अभियान के एक हिस्से के रूप में, संस्थान के कर्मियों ने स्थानीय निवासियों और आगंतुकों के साथ संवाद किया तथा उन्हें स्रोत पर ही कचरे के पृथक्करण, जिम्मेदार अपशिष्ट निपटान, 3R (कम करना, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण) और एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के बारे में जागरूक किया। समुदाय को स्वच्छता को निरंतर और साझा जिम्मेदारी के रूप में अपनाने तथा विरासत स्थल और इसके आसपास के क्षेत्रों को बनाए रखने में सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम ने इस संदेश को मजबूत किया कि स्वच्छ पर्यटक स्थल विरासत संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और आगंतुकों के बेहतर अनुभव में योगदान करते हैं। स्वच्छता गतिविधियों और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से भाकृअनुप-एमजीएफआरआई ने स्वच्छता ही सेवा-2026 के उद्देश्यों, विशेष रूप से जन भागीदारी, जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन और सार्वजनिक एवं पर्यटक स्थलों की स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम का समापन “स्वच्छता सभी की जिम्मेदारी है” के संदेश के साथ हुआ, जिसमें सभी हितधारकों को अभियान से आगे भी स्वच्छता की भावना को बनाए रखने और “स्वच्छ भारत, विकसित भारत” के विजन की दिशा में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

(स्रोत: भाकृअनुप–महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, मोतिहारी)

×