भाकृअनुप-आईवीआरआई और केवीके री भोई ने पोल्ट्री तथा पिगरी के सर्दियों में प्रबंधन हेतु किसान गोष्ठी का किया आयोजन

भाकृअनुप-आईवीआरआई और केवीके री भोई ने पोल्ट्री तथा पिगरी के सर्दियों में प्रबंधन हेतु किसान गोष्ठी का किया आयोजन

5 जनवरी, 2026, उमियम, मेघालय

भाकृअनुप–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, मुक्तेश्वर कैंपस, उत्तराखंड, ने आज कृषि विज्ञान केन्द्र, री भोई, भाकृअनुप–पुर्वोत्तर क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, उमियम, के साथ मिलकर ‘एनईएच कार्यक्रम के तहत सर्दियों में पोल्ट्री एवं पिगरी की देखभाल तथा प्रबंधन थीम पर एक किसान गोष्ठी-कम-इनपुट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस प्रोग्राम में श्री किंजोहलांग रंगटोंग, उपाध्यक्ष, खासी हिल्स के स्वायत्त जिला परिषद (केएचएडीसी) और 3-मवहती चुनाव क्षेत्र के एमडीसी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुआ। डॉ. ए.के. मोहंती, निदेशक, भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन VII, उमियम, प्रोग्राम में सम्मानित अतिथि के तौर पर शामिल हुआ, जबकि डॉ. एस. घटक, डायरेक्टर, भाकृअनुप–पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, उमियम ने सत्र की अध्यक्षता की।

प्रारंभ सत्र के दौरान, गणमान्य लोगों ने सर्दियों के मौसम में पोल्ट्री और पिगरी मैनेजमेंट के लिए वैज्ञानिक और जलवायु अनुकूल तरीकों को अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया ताकि तनाव कम किया जा सके, बीमारी के मामले कम किया जा सके और उत्पादकता बढ़ाई जा सके। इसके बाद विषय-वस्तु विशेषज्ञ की अगुवाई में एक संवादात्मक तकनीकी सत्र का आयोजन हुआ।

ICAR–IVRI and KVK Ri Bhoi Organise Kisan Goshthi on Winter Management of Poultry and Piggery

तकनीकी चर्चा में सर्दियों में घरों के प्रबंदन, संतुलित आहार के तरीकों, बीमारी से बचाव के उपायों और पोल्ट्री तथा शूकरों के लिए सबसे अच्छा तापमान बनाए रखने हेतु कम लागत वाली तकनीकी अपनाने पर केन्द्रित थी। प्रोग्राम का समापन भाग लेने वाले किसानों को शूकर का चारा, इंफ्रारेड बल्ब और अन्य सहायक सामग्री सहित ज़रूरी इनपुट बांटने के साथ हुआ।

जिले में सर्दियों में पशुधन प्रबंधन को मजबूत करने के मकसद से किए गए व्यवहारिक संवाद एवं समय पर सपोर्ट के लिए किसान समुदाय ने इस पहल की बहुत तारीफ की।

भाकृअनुप-आईवीआरआई, मुक्तेश्वर, के कई वरिष्ठ वैज्ञानिक तथा अधिकारियों ने भी प्रोग्राम में हिस्सा लिया।

री भोई जिला के कुल 107 किसानों ने प्रोग्राम में हिस्सा लिया, जिसमें 71 महिलाएं और 36 पुरुष शामिल थे, जो पशु-आधारित खेती के कामों में महिला किसानों की मजबूत भागीदारी को दिखाता है।

(सोर्स: भाकृअनुप–पुर्वोत्तर क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, उमियम, मेघालय)

×