25 अप्रैल, 2026, श्री विजयपुरम
विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर, भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-सीआईएआरआई), श्री विजयपुरम के पशु विज्ञान प्रभाग ने डीएएचवीएस, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के सहयोग से आज नमुनागढ़ में एक पशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया।
इस वर्ष विश्व पशु चिकित्सा दिवस की थीम “पशु चिकित्सक: भोजन एवं स्वास्थ्य के संरक्षक” हैं। यह थीम खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा पशु स्वास्थ्य की रक्षा में पशु चिकित्सकों की महत्वपूर्ण और व्यापक भूमिका को रेखांकित करती है। खेत से लेकर भोजन की थाली तक, पशु चिकित्सक यह सुनिश्चित करने में अग्रिम पंक्ति में कार्य करते हैं कि पशु मूल का खाद्य पदार्थ सुरक्षित, पौष्टिक और जिम्मेदारीपूर्वक उत्पादित हो। शिविर में विशेष रूप से पशुधन पालन में स्वच्छता पर जोर दिया गया, ताकि सुरक्षित पशु उत्पाद प्राप्त किए जा सकें। साथ ही, टिकाऊ पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए औषधीय पौधों पर आधारित पारंपरिक दवाओं के उपयोग के महत्व को भी बताया गया।

शिविर के दौरान द्वीप टिक्योर, घाव भरने हेतु हर्बल मरहम, रोग प्रतिरोधक क्षमता एवं दस्त नियंत्रण के लिए टॉनिक, कृमिनाशक दवाएं तथा मिनरल मिश्रण 50 से अधिक बकरियों तथा गायों में वितरित किया गया।
रंगाचांग गांव के किसानों ने इस पहल के आयोजन और अमूल्य सहयोग प्रदान करने के लिए भाकृअनुप-सीआईएआरआई तथा डीएएचवीएस का आभार व्यक्त किया। विश्व पशु चिकित्सा दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस संपूर्ण स्वास्थ्य शिविर का मार्गदर्शन डॉ. जय सुंदर, निदेशक, भाकृअनुप-सीआईएआरआई, ने किया।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम)







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