31 दिसंबर, 2025, महाराष्ट्र
आज कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), बभलेश्वर, में एक किसान संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री, ने खेती तथा किसानों के कल्याण से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने हेतु किसानों एवं कृषि अधिकारियों के साथ बातचीत की।
सभा को संबोधित करते हुए, मंत्री ने घोषणा की कि केन्द्र सरकार किसानों को शोषण से बचाने के उद्देश्य से एक नया बीज और कीटनाशक अधिनियम लाने की प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून में प्रभावित किसानों को मुआवजे के लिए कड़े प्रावधान शामिल होंगे, साथ ही घटिया या नकली बीज तथा कीटनाशक की आपूर्ति करने वाली कंपनियों के लिए सख्त दंड का भी प्रावधान होगा। यह जोर देते हुए कि किसानों के हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, श्री चौहान ने कहा कि कृषि इनपुट की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मंत्री ने किसानों को फसल के मौसम के दौरान उर्वरक, बीज और अन्य आवश्यक इनपुट की समय पर उपलब्धता का आश्वासन दिया ताकि सुचारू कृषि संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर केंद्रित कई सरकारी पहलों पर भी प्रकाश डाला।
प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, श्री चौहान ने कहा कि यह खेती की लागत को कम करने, मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करने और सुरक्षित और पौष्टिक भोजन के उत्पादन को सुनिश्चित करने में मदद करता है। उन्होंने आगे कहा कि किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर और लाभकारी मूल्य प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
केन्द्रीय मंत्री ने तेजी से विकसित हो रही प्रौद्योगिकियों और आधुनिक खेती के तरीकों के अनुरूप कृषि शिक्षा और पाठ्यक्रम को लगातार अपडेट करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनुसंधान संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों को जमीनी स्तर पर किसानों तक उन्नत प्रौद्योगिकियों एवं नवाचारों को स्थानांतरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।

इस कार्यक्रम में श्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, जल संसाधन मंत्री, महाराष्ट्र, अहमदनगर के पालक मंत्री, श्री अन्नासाहेब म्हस्के पाटिल, पूर्व मंत्री, डॉ. विलास खार्चे, कुलपति, महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ डॉ. पंकज आशिया, , जिला कलेक्टर के साथ-साथ कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, विस्तार कर्मी एवं बड़ी संख्या में इस क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले किसानों ने सरकार की पहलों का स्वागत किया तथा चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया, अपने अनुभव, चुनौतियां तथा कृषि विकास को मजबूत करने के लिए सुझाव भी साझा किया।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि अभियांत्रिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, पुणे)







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