पंजाब ने यूरिया उर्वरक के विकल्प के रूप में ग्रीन अमोनिया पर राष्ट्रीय प्रदर्शन पहल की शुरुआत की

पंजाब ने यूरिया उर्वरक के विकल्प के रूप में ग्रीन अमोनिया पर राष्ट्रीय प्रदर्शन पहल की शुरुआत की

24 अक्टूबर, 2026, संगरूर, पंजाब

आज पंजाब के संगरूर जिले के बिजलपुर गांव में नाइट्रोजनयुक्त (यूरिया) उर्वरक के विकल्प के रूप में ग्रीन अमोनिया को बढ़ावा देने संबंधी राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ किया गया। यह पहल टिकाऊ, विज्ञान-आधारित पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देने और भारतीय कृषि के लिए नाइट्रोजन के वैकल्पिक स्रोतों का मूल्यांकन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Punjab Launches National Demonstration Initiative on Green Ammonia as an Alternative to Urea Fertilizer

इस शुभारंभ कार्यक्रम में भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, लुधियाना, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), संगरूर के अधिकारियों तथा संगरूर, मानसा और बरनाला जिलों के 30–40 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। कृषि विशेषज्ञों और किसानों की भागीदारी प्रौद्योगिकी के आकलन, खेत स्तर पर सत्यापन और किसानों की सहभागिता के लिए एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है।

इस पहल के तहत, रबी 2026 के दौरान पारंपरिक यूरिया उर्वरक के विकल्प के रूप में ग्रीन अमोनिया का मूल्यांकन करने के लिए देशभर में 10,000 एकड़ क्षेत्र को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

Punjab Launches National Demonstration Initiative on Green Ammonia as an Alternative to Urea Fertilizer

पंजाब में छह कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके)—बठिंडा, जालंधर, मोगा, अमृतसर, संगरूर और होशियारपुर—द्वारा प्रत्येक केन्द्र पर 300 प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इस प्रकार राज्य में कुल 1,800 प्रदर्शन किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों के माध्यम से खेतों की परिस्थितियों में ग्रीन अमोनिया का व्यवस्थित मूल्यांकन किया जाएगा और कृषि में पोषक तत्व प्रबंधन के लिए इसकी संभावनाओं का आकलन करने में सहायता मिलेगी।

इस पहल का उद्देश्य खेत स्तर पर मूल्यांकन को मजबूत करना और नाइट्रोजन के वैकल्पिक स्रोत के रूप में ग्रीन अमोनिया की संभावनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करना है। इससे भारतीय कृषि में टिकाऊ पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए जारी प्रयासों को बल मिलेगा।

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