महानिदेशक भाकृअनुप ने भाकृअनुप-सीआईआरजी, मथुरा में अनुसंधान एवं किसान-केन्द्रित पहलों की कि समीक्षा

महानिदेशक भाकृअनुप ने भाकृअनुप-सीआईआरजी, मथुरा में अनुसंधान एवं किसान-केन्द्रित पहलों की कि समीक्षा

2–3 अक्टूबर, 2026, मथुरा

डेयर के सचिव तथा भाकृअनुप के महानिदेशक, डॉ. एम.एल. जाट ने 2–3 अक्टूबर, 2026 को भाकृअनुप-केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-सीआईआरजी), मखदूम, मथुरा का दौरा किया। दो दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने संस्थान के अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, पशु उत्पादन और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की तथा बकरी पालन के क्षेत्र में इसकी अनुसंधान पहलों और किसान-केंद्रित कार्यक्रमों का अवलोकन किया।

DG ICAR Reviews Research and Farmer-Oriented Initiatives at ICAR-CIRG, Mathura

डॉ. जाट ने पशु आहार इकाई, हाइड्रोपोनिक चारा उत्पादन इकाई, एकीकृत कृषि प्रणाली (आईएफएस) इकाइयों तथा विभिन्न बकरी और भेड़ नस्लों वाले फार्मों का निरीक्षण किया, जिनमें बरबरी, जमुनापारी, सोजत तथा जखराना बकरियां तथा मुजफ्फरनगरी भेड़ें शामिल हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की और चल रही अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास गतिविधियों की समीक्षा की तथा बकरी पालन को आगे बढ़ाने की दिशा में उनके प्रयासों की सराहना की।

दौरे के दौरान डॉ. जाट ने संस्थान में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया और कृषि एवं पशुधन उत्पादन प्रणालियों में पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के महत्व पर जोर दिया।

DG ICAR Reviews Research and Farmer-Oriented Initiatives at ICAR-CIRG, Mathura

इसके बाद डॉ. जाट ने भाकृअनुप-सीआईआरजी के वैज्ञानिकों, तकनीकी अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत की तथा संस्थान की भविष्य की अनुसंधान प्राथमिकताओं, तकनीकी नवाचारों और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पहलों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने उभरती चुनौतियों के साथ अनुसंधान और नवाचार को जोड़ने तथा यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया कि संस्थान द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियां प्रभावी और समयबद्ध तरीके से किसानों तक पहुंचें।

उन्होंने सीआईआरजी द्वारा गोद लिए गए गांवों के किसानों तथा उत्तर प्रदेश और राजस्थान के किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के सदस्यों के साथ भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति योजनाओं के तहत लाभार्थियों को बकरियां वितरित कीं और बकरी-आधारित आजीविका गतिविधियों के उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त लाभों तथा बकरी पालन के उनकी आजीविका और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर प्रभाव के बारे में भी प्रतिक्रिया ली।

DG ICAR Reviews Research and Farmer-Oriented Initiatives at ICAR-CIRG, Mathura

इस दौरे से भाकृअनुप-सीआईआरजी के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों में उत्साह का संचार हुआ तथा अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और विस्तार गतिविधियों को मजबूत करने के लिए मूल्यवान मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। डॉ. जाट द्वारा दिए गए सुझाव और निर्देश किसान-केंद्रित नवाचारों की दिशा में संस्थान के प्रयासों को और मजबूत करने तथा बकरी अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और विस्तार के उत्कृष्टता केंद्र के रूप में इसकी भूमिका को सुदृढ़ करने में सहायक होने की उम्मीद है।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम, मथुरा)

×