कार्प मछलियों के मिश्रित रूप से पालन में स्पीशीज के विविधीकरण पर पायलट आधारित क्रियाकलाप, जिसमें “किसानों को अनुसंधान में शामिल करना” आयोजित

कार्प मछलियों के मिश्रित रूप से पालन में स्पीशीज के विविधीकरण पर पायलट आधारित क्रियाकलाप, जिसमें “किसानों को अनुसंधान में शामिल करना” आयोजित

12 फरवरी, 2026, अरुणाचल प्रदेश

पारंपरिक कार्प मछलियों के मिश्रित रूप से पालन से उत्पादकता तथा आय बढ़ाने बढ़ाने हेतु, भाकृअनुप-केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा अनुसंधान संस्थान, कोलकाता, केन्द्र ने अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले के सुनपुरा में 25 किसानों के तालाबों में पहली बार कार्प मछलियों के मिश्रित रूप से पालन में प्रजातियों के विविधीकरण पर एक पायलट स्केल कार्य की शुरुआत की। ‘किसानों को रिसर्च में शामिल करना’ विषय आधारित यह कार्यक्रम एनईएच योजना के तहत 2-3 साल से की जा रही है।

Pilot Scale Activity on Species Diversification in Carp Polyculture involving “Farmers into Research” Organised

इस इलाके के किसान व्यवहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा क्षेत्र भ्रमण के ज़रिए प्रदर्शन से जुड़े क्रिया-कलाप के तरीकों एवं नतीजों को देख रहे हैं, और यह क्रिया-कलाप इस इलाके के लगभग 100 मत्स्य पालक किसानों को जिले तथा राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।

Pilot Scale Activity on Species Diversification in Carp Polyculture involving “Farmers into Research” Organised

10-12 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम में कुल 25 किसानों ने शिरकत की।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा अनुसंधान संस्थान, कोलकाता, केन्द्र)

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