कार निकोबार के टैपोइमिंग गांव में वैज्ञानिक–किसान संवाद कार्यक्रम का आयोजन

कार निकोबार के टैपोइमिंग गांव में वैज्ञानिक–किसान संवाद कार्यक्रम का आयोजन

21 सितंबर, 2026, कार निकोबार

भाकृअनुप–कृषि विज्ञान केन्द्र, निकोबार, ने यूटीएटीएमए के सहयोग से आज कार निकोबार के टैपोइमिंग गांव के सामुदायिक भवन में वैज्ञानिक–किसान संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में किसानों, केवीके वैज्ञानिकों, ग्राम प्रतिनिधियों और विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की और स्थान-विशिष्ट उपयुक्त समाधानों की पहचान की।

कार्यक्रम में टैपोइमिंग गांव के श्री लॉरेंस मैथ्यू, फर्स्ट कैप्टन, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ श्री साइमन विलियम, सेकंड कैप्टन तथा कृषि, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवाएं और पर्यावरण एवं वन विभागों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

Scientist–Farmer Interaction Programme Organised at Tapoiming Village, Car Nicobar

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए क्षेत्र स्तर की चुनौतियों को समझने और किसानों को उपयुक्त तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने में नियमित वैज्ञानिक–किसान संवाद के महत्व पर जोर दिया गया। ऐसे मंच किसानों को विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने, अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने तथा उत्पादकता, कुशल संसाधन उपयोग और आजीविका में सुधार के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों और पद्धतियों के बारे में जानने में सक्षम बनाते हैं।

किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों और सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। वैज्ञानिक सुअर पालन और स्वास्थ्य प्रबंधन पर एक विस्तृत सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें सुअर बाड़ों में स्वच्छता और साफ-सफाई, संतुलित पोषण, स्वच्छ पेयजल, समय पर टीकाकरण और कृमिनाशन, नियमित स्वास्थ्य निगरानी तथा रोगों की रोकथाम और पशु उत्पादकता में सुधार के लिए समय पर पशु चिकित्सा हस्तक्षेप के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

Scientist–Farmer Interaction Programme Organised at Tapoiming Village, Car Nicobar

वन संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग और स्थानीय कृषि संदर्भ के अनुकूल पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों को अपनाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

सभा को संबोधित करते हुए टैपोइमिंग गांव के फर्स्ट कैप्टन श्री लॉरेंस मैथ्यू ने भाकृअनुप-केवीके, निकोबार और यूटीएटीएमए की पहल की सराहना की तथा गांव में कृषि और संबद्ध गतिविधियों को मजबूत करने के लिए किसानों, ग्राम प्रतिनिधियों, केवीके वैज्ञानिकों और सरकारी विभागों के बीच निरंतर वैज्ञानिक मार्गदर्शन और समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम का आयोजन श्री विजय पुरम स्थित डॉ. जय सुंदर, निदेशक, भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान के के समग्र मार्गदर्शन में किया गया।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजय पुरम)

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