5 मार्च, 2026, मुंबई
भाकृअनुप–केन्द्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-सिरकॉट), मुंबई, द्वारा आज संस्थान में ‘रबर बांधों तथा तालाब/नहर लाइनिंग सामग्री के लिए तकनीकी रबर कम्पोजिट शीट्स के डिज़ाइन, विकास एवं कार्यान्वयन’ विषय पर सहयोगात्मक अनुसंधान हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया गया।
यह एमओयू भाकृअनुप-सिरकॉट, मुंबई; भाकृअनुप–भारतीय जल प्रबंधन संस्थान (आईआईडब्ल्यूएम), भुवनेश्वर; तथा भारतीय रबर सामग्री अनुसंधान संस्थान (आईआरएमआरआई), ठाणे, के बीच हस्ताक्षरित किया गया। इस सहयोग का उद्देश्य रबर बांधों एवं तालाब की लाइनिंग में उपयोग के लिए टिकाऊ रबर कम्पोजिट शीट्स का विकास करना है, जिससे जल संरक्षण और सिंचाई प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

डॉ. एस. के. जेना, भाकृअनुप–भारतीय जल प्रबंधन संस्थान, ने स्वागत संबोधन दिया तथा जल प्रबंधन के लिए नवीन सामग्रियों के विकास में सहयोगात्मक अनुसंधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘जल के लिए सीआरपी’ का एक संक्षिप्त परिचय भी प्रस्तुत किया तथा इस पहल के उद्देश्यों को स्पष्ट किया।
डॉ. भारत कपगते, उपनिदेशक, इंडियन रबर मटेरियल्स रिसर्च इंस्टीट्यूट, तथा डॉ. अरजमदुत्ता सरंगी, निदेशक, भाकृअनुप– आईआईडब्ल्यूएम, ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया तथा सतत जल संसाधन प्रबंधन के लिए संयुक्त अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया।
तीनों संस्थानों के प्रतिनिधियों द्वारा इस एमओयू पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किया गया।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई)







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