13-17 जुलाई 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी (भाकृअनुप-नार्म), हैदराबाद ने अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (आईआईपीआरआई), नई दिल्ली के सहयोग से 13–17 जुलाई, 2026 के दौरान "कृषि प्रौद्योगिकियों एवं नीतियों के प्रभाव आकलन" विषय पर पाँच दिवसीय क्षमता सुदृढ़ीकरण कार्यशाला का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि प्रौद्योगिकियों और नीतियों के मूल्यांकन हेतु उन्नत प्रभाव मूल्यांकन विधियों के उपयोग में शोधकर्ताओं की क्षमताओं को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यानों के साथ-साथ एसटीएटीए और आर का उपयोग करते हुए व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किए गए, जिन्हें आईआईपीआरआई तथा भाकृअनुप संस्थानों के संसाधन व्यक्तियों द्वारा संचालित किया गया।

डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, निदेशक, भाकृअनुप-नार्म ने साक्ष्य-आधारित कृषि अनुसंधान एवं नीति निर्माण में कठोर प्रभाव मूल्यांकन के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. गोपाल लाल, संयुक्त निदेशक, भाकृअनुप-नार्म ने प्रतिभागियों को कार्यशाला के दौरान प्रदान किए गए ज्ञान और विश्लेषणात्मक कौशल का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित किया, जबकि सुश्री श्वेता गुप्ता, वरिष्ठ अनुसंधान विश्लेषक, आईआईपीआरआई ने इस सहयोगात्मक कार्यक्रम के उद्देश्यों और महत्व को रेखांकित किया।

समापन सत्र में प्रतिष्ठित वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए अनुसंधान निवेशों का मार्गदर्शन करने तथा साक्ष्य-आधारित नीतिगत निर्णयों को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रभाव आकलन की बढ़ती आवश्यकता पर बल दिया।
इस कार्यशाला में भारत के विभिन्न भाकृअनुप संस्थानों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों तथा अन्य संगठनों से 21 शोधकर्ताओं ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद)







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