23 जून, 2026, श्री विजयपुरम
भाकृअनुप–कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), निंबूदेरा ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के कृषि विभाग तथा यूटीएटीएमए (UTATMA) के सहयोग से 22–23 जून, 2026 के दौरान उत्तर एवं मध्य अंडमान के रंगत प्रखंड के निंबूतला एवं धर्मापुर गांवों में ‘खेत बचाओ अभियान 2026’ के अंतर्गत टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर जागरूकता कार्यक्रमों की एक श्रृंखला का आयोजन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था, ताकि फसल उत्पादकता में वृद्धि, मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण, संसाधनों के उपयोग की दक्षता में सुधार तथा कृषि आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को टिकाऊ कृषि के विभिन्न पहलुओं के बारे में जागरूक किया गया, जिनमें संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य कार्ड का महत्व, वर्मी कम्पोस्टिंग एवं कम्पोस्ट निर्माण के माध्यम से समेकित पोषक तत्व प्रबंधन, जैव उर्वरकों द्वारा बीज उपचार, धान की वैज्ञानिक खेती, समेकित कीट प्रबंधन तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती पद्धतियों को बढ़ावा देना शामिल था।

किसान–विशेषज्ञ संवाद सत्रों ने किसानों को फसल उत्पादन से संबंधित अपने क्षेत्रीय अनुभवों एवं चुनौतियों को साझा करने का अवसर प्रदान किया। विशेषज्ञों ने कृषि आदानों के दक्ष प्रबंधन, समेकित कीट एवं पोषक तत्व प्रबंधन, जलवायु-लचीली कृषि पद्धतियों तथा उन्नत कृषि प्रौद्योगिकियों को अपनाने संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम का आयोजन डॉ. जय सुंदर, निदेशक (कार्यवाहक), आईसीएआर–सीआईएआरआई, श्री विजयपुरम के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम में कुल 86 किसानों एवं महिला किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह)







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