13 अक्टूबर, 2026, नई दिल्ली
भाकृअनुप के केवीके, उजवा, में आयोजित कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य रबी फसलों - सरसों एवं गेहूँ की उन्नत किस्मों, उन्नत उत्पादन तकनीक तथा जलवायु अनुकूल कृषि में इनकी भूमिका के बारे में किसानों को जागरूक करना था।

कार्यशाला की अध्यक्षता डॉ. डी.के. राणा, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, केवीके, उजवा, ने की। उन्होंने किसानों को सरसों एवं गेहूँ की खेती से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी तथा रबी फसलों में कम लागत में अधिक उत्पादन कैसे लिया जाए, इसके बारे में बताया।
इस अवसर पर डॉ. समरपाल सिंह ने सरसों एवं गेहूँ की उन्नत प्रजातियों एवं उनकी विशेषताओं के बारे में बताया। उन्होंने बीज की मात्रा, बुवाई का समय और बीज उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. बाबू लाल (विषय विशेषज्ञ) ने फसल सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए सरसों एवं गेहूँ में लगने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों तथा उनसे बचाव के उपायों के बारे में बताया। श्री बृजेश यादव ने मिट्टी की जाँच के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने मिट्टी का नमूना लेने की सही विधि, वर्तमान और पिछली फसल के अवशेष प्रबंधन तथा मृदा की उर्वरता बढ़ाने के बारे में विस्तार से समझाया।

डॉ. राकेश कुमार ने किसानों को जैविक खेती और साथ ही उन्होंने खेती से होने वाली आय को बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।
कार्यक्रम के अंत में किसान वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं और वैज्ञानिकों द्वारा उनका समाधान बताया गया।
विकास विभाग (कृषि) दिल्ली सरकार के कृषि प्रमार अधिकारी श्री रविन्दर सिंह एवं मनोज शर्मा ने आत्मा परियोजना के साथ दिल्ली सरकार के योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और इसे बहुत ही ज्ञानवर्धक बताया।
(स्रोतः भाकृअनुप के केवीके, उजवा, नई दिल्ली)







फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें