21 अक्टूबर 2026, बेंगलुरु
स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 के तहत विशेष अभियान गतिविधियों के हिस्से के रूप में, भाकृअनुप–राष्ट्रीय पशु पोषण एवं शरीर क्रिया विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु ने आज स्वच्छता, कार्यालय स्थलों के कुशल उपयोग, पर्यावरणीय स्थिरता, समावेशी प्रथाओं और जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए समर्पित एक दिवसीय गतिविधियों का आयोजन किया।
गतिविधियों में संस्थान परिसर, कार्यालय परिसर और आवासीय क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान के साथ-साथ अव्यवस्थित स्थानों की पहचान और सुधार शामिल था, ताकि उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। स्वच्छता, सौंदर्य और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए जहां भी आवश्यक था, वहां दीवारों की पेंटिंग, सफेदी, दोबारा पेंटिंग और मामूली मरम्मत सहित आवश्यक सुधारों के लिए कार्यालय परिसर का आकलन किया गया।

पर्यावरणीय स्थिरता अभियान का एक प्रमुख केंद्र बिंदु था, जिसमें वृक्षारोपण, जैव-निम्नीकरणीय अपशिष्ट का पृथक्करण और प्रबंधन, कम्पोस्टिंग तथा संसाधन संरक्षण के बारे में जागरूकता पैदा करने जैसी गतिविधियां शामिल थीं। ई-कचरा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया, जिसके तहत बेकार पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामानों को उचित निपटान के लिए एकत्रित और पृथक किया गया। अभियान में अप्रचलित सामग्रियों और कबाड़ की पहचान, पृथक्करण और प्रबंधन भी शामिल था, ताकि व्यवस्थित अपशिष्ट निपटान को बढ़ावा दिया जा सके और संस्थागत संसाधनों के उपयोग में सुधार किया जा सके।
समावेशी और कर्मचारी-अनुकूल प्रथाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करते हुए, संस्थान ने सफाई मित्रों के कल्याण, सुरक्षा और गरिमा पर जोर दिया। पहलों में स्वास्थ्य जांच, सुरक्षात्मक सुरक्षा उपकरणों का वितरण और स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर वातावरण बनाए रखने में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करना शामिल था। अपशिष्ट से संपदा पहल, जिसमें अपशिष्ट से कला गतिविधियां भी शामिल थीं, को भी बढ़ावा दिया गया, ताकि त्यागी गई सामग्रियों के रचनात्मक पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण को प्रोत्साहित किया जा सके तथा एक संसाधन के रूप में अपशिष्ट की क्षमता को प्रदर्शित किया जा सके।

गतिविधियों और उपलब्धियों को तस्वीरों और रिपोर्टों के माध्यम से प्रलेखित किया गया तथा जागरूकता बढ़ाने और स्वच्छता एवं स्थिरता पहलों में व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए संस्थागत संचार चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रसारित किया गया।
समर्पित एक दिवसीय अभियान ने स्वच्छता, जिम्मेदार संसाधन उपयोग, बेहतर कार्यस्थल वातावरण, पर्यावरण संरक्षण और सफाई कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देकर स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 के उद्देश्यों के प्रति भाकृअनुप-एनआईएएनपी की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की। इस पहल ने स्वच्छ, हरित, स्वास्थ्यकर और टिकाऊ संस्थागत वातावरण बनाने की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी और सुशासन की भावना को और मजबूत किया।
(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय पशु पोषण एवं शरीर क्रिया विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु)








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