भाकृअनुप–एमजीआईएफआरआई, मोतिहारी ने शपथ ग्रहण समारोह एवं परिचर्चा के साथ सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 मनाया

भाकृअनुप–एमजीआईएफआरआई, मोतिहारी ने शपथ ग्रहण समारोह एवं परिचर्चा के साथ सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 मनाया

26 अक्टूबर, 2026, मोतिहारी, बिहार

भाकृअनुप–महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान (एमजीआईएफआरआई), मोतिहारी, बिहार ने आज सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 का शुभारंभ सतर्कता शपथ ग्रहण समारोह एवं परिचर्चा के साथ किया। इस आयोजन का उद्देश्य लोक सेवा में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना है। 26 अक्टूबर से 1 नवंबर, 2026 तक आयोजित होने वाले इस सप्ताहव्यापी कार्यक्रम का उद्देश्य निवारक सतर्कता के प्रति जागरूकता को मजबूत करना तथा संस्थागत स्तर पर भ्रष्टाचार मुक्त कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम में डॉ. राघवेंद्र सिंह, निदेशक, भाकृअनुप–एमजीआईएफआरआई, के साथ संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे। सतर्कता शपथ दिलाते हुए प्रतिभागियों ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में ईमानदारी, व्यक्तिगत जिम्मेदारी, निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुपालन और नैतिक आचरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

ICAR-MGIFRI, Motihari Observes Vigilance Awareness Week 2026 with Pledge Ceremony and Panel Discussion

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि ईमानदारी, निष्पक्षता, जिम्मेदारी और जवाबदेही प्रभावी संस्थागत प्रशासन एवं लोक सेवा वितरण के मूलभूत आधार हैं। उन्होंने प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निर्णय लेने में निष्पक्षता तथा उच्चतम पेशेवर नैतिक मानकों के अनुपालन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कर्मचारियों से अपने दैनिक कार्यों में सतर्कता के सिद्धांतों को अपनाने तथा पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त कार्य वातावरण के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा कि सतर्कता जागरूकता केवल सप्ताहव्यापी आयोजन तक सीमित न रहकर संस्थान की संगठनात्मक संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बननी चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि नैतिक आचरण, सार्वजनिक संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग और संस्थान के कार्यों में पारदर्शिता जनविश्वास को मजबूत करने तथा संगठनात्मक उत्कृष्टता हासिल करने के लिए आवश्यक हैं।

इस आयोजन के अंतर्गत संस्थान मुख्यालय में जागरूकता बैनर एवं सूचनात्मक सामग्री प्रदर्शित की गई, ताकि कर्मचारियों, आगंतुकों और हितधारकों को नैतिक कार्यप्रणालियों एवं भ्रष्टाचार की रोकथाम के प्रति जागरूक किया जा सके।

“संभावनाओं से समृद्धि तक” विषय पर आयोजित परिचर्चा में संस्थागत विकास और सामाजिक प्रगति के लिए नैतिक नेतृत्व, पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया, जवाबदेही तथा सार्वजनिक संसाधनों के कुशल उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला गया। परिचर्चा में प्रतिभागियों को विश्वास, निष्पक्षता और सुशासन को बढ़ावा देने में अपनी सामूहिक जिम्मेदारी को समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इस कार्यक्रम में अधिकारियों, वैज्ञानिकों, तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मचारियों तथा किसानों सहित कुल 52 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने नैतिक शासन, संस्थागत जवाबदेही और भ्रष्टाचार मुक्त कार्यप्रणाली के प्रति भाकृअनुप–एमजीआईएफआरआई की प्रतिबद्धता को दोहराया।

(स्रोत: भाकृअनुप–महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, मोतिहारी, बिहार)

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