भाकृअनुप-आईआईआरएमआर, भरतपुर ने भारतीय सरसों हाइब्रिड एनआरसीएचबी-506 के गैर-अनन्य लाइसेंस के लिए अभिमन्यु सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर किया हस्ताक्षर

भाकृअनुप-आईआईआरएमआर, भरतपुर ने भारतीय सरसों हाइब्रिड एनआरसीएचबी-506 के गैर-अनन्य लाइसेंस के लिए अभिमन्यु सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर किया हस्ताक्षर

18 सितंबर, 2026, भरतपुर

उन्नत रेपसीड–सरसों प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण और व्यापक प्रसार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, भाकृअनुप–भारतीय रेपसीड-सरसों अनुसंधान संस्थान, भरतपुर ने एक प्रमुख बीज कंपनी मेसर्स अभिमन्यु सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ भारतीय सरसों हाइब्रिड NRCHB-506 के हाइब्रिड बीज उत्पादन और विपणन के गैर-अनन्य लाइसेंस के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमएओ) पर हस्ताक्षर किया।

एमएओ पर डॉ. विजय वीर सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईआरएमआर, भरतपुर और डॉ. राजेंद्र कुमार, आर एवं डी प्रमुख, मेसर्स अभिमन्यु सीड्स प्राइवेट लिमिटेड, हापुड़ ने अपने-अपने संगठनों की ओर से हस्ताक्षर किए।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. विजय वीर सिंह ने प्रभावी सार्वजनिक–निजी भागीदारी (पीपीपी) और प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण तंत्र के माध्यम से आशाजनक प्रौद्योगिकियों और उन्नत सरसों हाइब्रिड को अनुसंधान प्रयोगशालाओं से किसानों के खेतों तक पहुंचाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि NRCHB-506 जैसे अधिक उपज देने वाले उन्नत हाइब्रिड की व्यापक उपलब्धता और अपनाने से उत्पादकता बढ़ाने तथा रेपसीड–सरसों उत्पादन प्रणाली को मजबूत करने में योगदान मिल सकता है।

ICAR-IIRMR, Bharatpur Signs MoA with Abhimanyu Seeds Pvt. Ltd. for Non-Exclusive Licensing of Indian Mustard Hybrid NRCHB-506

डॉ. सिंह ने आगे जोर दिया कि उन्नत किस्मों और हाइब्रिड के अंतर्गत क्षेत्र में वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण बीज और उपयुक्त उत्पादन प्रौद्योगिकियों की उपलब्धता के साथ मिलकर, घरेलू तिलहन उत्पादन बढ़ाने और खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

लाइसेंसिंग समझौते से NRCHB-506 के गुणवत्तापूर्ण बीज के उत्पादन और व्यापक विपणन में सुविधा होगी, जिससे किसानों की उन्नत रोपण सामग्री तक पहुंच में सुधार होगा। मेसर्स अभिमन्यु सीड्स प्राइवेट लिमिटेड ने यह सुनिश्चित करने के लिए नैतिक उत्पादन, गुणवत्ता आश्वासन और बीज के जिम्मेदार वितरण की प्रतिबद्धता व्यक्त की कि गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री किसानों तक समय पर और विश्वसनीय तरीके से पहुंचे।

यह सहयोग अनुसंधान–उद्योग–किसान संबंध को मजबूत करने और भाकृअनुप-आईआईआरएमआर के अनुसंधान नवाचारों को किसानों तथा खाद्य तेल क्षेत्र के लाभ के लिए खेत-स्तरीय प्रभाव में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

(स्रोत: भाकृअनुप–भारतीय रेपसीड-सरसों अनुसंधान संस्थान, भरतपुर)

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