भाकृअनुप-सीएमएफआरआई, कोच्चि में राज्य स्तरीय कार्यशाला में केरल और लक्षद्वीप के लिए वीकेएसए कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया

भाकृअनुप-सीएमएफआरआई, कोच्चि में राज्य स्तरीय कार्यशाला में केरल और लक्षद्वीप के लिए वीकेएसए कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया

11 सितंबर 2026, कोच्चि

विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत केरल और लक्षद्वीप के लिए रणनीतिक रूपरेखा को अंतिम रूप देने हेतु एक राज्य स्तरीय कार्यशाला आज आईसीएआर-केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, कोच्चि में हाइब्रिड माध्यम से आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में केरल स्थित आईसीएआर संस्थानों के वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें केन्द्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान-तिरुवनंतपुरम, केन्द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान-कासरगोड, भारतीय मसाला अनुसंधान संस्थान-कोझिकोड, केन्द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान-कोच्चि, गन्ना प्रजनन संस्थान के अनुसंधान केंद्र-कन्नूर और अगली, केन्द्रीय अंतर्देशीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान का अनुसंधान केन्द्र-कोच्चि, राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो का कोच्चि केंद्र, राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो का क्षेत्रीय केन्द्र-त्रिशूर, केरल कृषि विश्वविद्यालय-त्रिशूर के अधिकारी, केरल मत्स्य एवं महासागर अध्ययन विश्वविद्यालय-कोच्चि, केरल पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय-वायनाड और राज्य भर के कृषि विज्ञान केंद्र शामिल थे।

State-Level Workshop at ICAR-CMFRI, Kochi Finalises VKSA Action Plan for Kerala & Lakshadweep

भाकृअनुप-सीएमएफआरआई के निदेशक और केरल एवं लक्षद्वीप के लिए वीकेएसए के नोडल अधिकारी डॉ. ग्रिंसन जॉर्ज ने प्रारंभिक एवं समापन संबोधन दिया और कृषि, पशुपालन तथा मत्स्य पालन के विकास के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण निर्धारित किया। प्रधान वैज्ञानिक एवं वीकेएसए नोडल अधिकारी डॉ. साजू जॉर्ज ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कार्यान्वयन की मुख्य रूपरेखा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

डॉ. एम. प्रभाकर, निदेशक, भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान तथा डॉ. वेंकटासुब्रमणियन, पूर्व निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, ने सतत और क्षेत्रीय कृषि विकास के लिए रणनीतियों को आकार देने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के प्रमुखों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण क्षेत्रीय जानकारी प्रदान की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वीकेएसए कार्ययोजना जमीनी स्तर की प्राथमिकताओं को संबोधित करे।

कार्यशाला का समापन रोपण फसलों, कंद फसलों, मसालों, खेतिहर फसलों, बागवानी फसलों, मत्स्य पालन, पशुधन और डेयरी के लिए अनुसंधान योग्य मुद्दों, विकासात्मक चुनौतियों और कार्यान्वयन योग्य रोडमैप की एक पूर्ण रूप से तैयार रूपरेखा के साथ हुआ, जिसमें 2026-27 से 2029-31 तक की कार्यान्वयन समय-सीमा भी शामिल है।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, कोच्चि)

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