भाकृअनुप-राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केन्द्र, दरभंगा तथा भारतीय गुणवत्ता परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में किसान समृद्धि - गुणवत्ता मंथन कार्यक्रम का किया गया आयोजन

भाकृअनुप-राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केन्द्र, दरभंगा तथा भारतीय गुणवत्ता परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में किसान समृद्धि - गुणवत्ता मंथन कार्यक्रम का किया गया आयोजन

18 जुलाई, 2026, दरभंगा

भाकृअनुप-राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केन्द्र, दरभंगा तथा भारतीय गुणवत्ता परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में किसान समृद्धि - गुणवत्ता मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मखाना क्षेत्र में गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जमीनी चुनौतियों की पहचान करना तथा किसानों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों एवं नीति निर्माताओं के बीच संवाद स्थापित कर गुणवत्तापूर्ण एवं प्रतिस्पर्धी मखाना मूल्य श्रृंखला के लिए कार्ययोजना तैयार करना था।

   

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. नचिकेत कोतवालीवाले, निदेशक, राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केन्द्र तथा अमित सिंह, संयुक्त निदेशक, भारतीय गुणवत्ता परिषद्, ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

डॉ. कोतवालीवाले ने कहा कि मखाना मूल्य श्रृंखला के प्रत्येक स्तर पर गुणवत्ता बनाए रखने से किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ भारतीय मखाने की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मशीनीकरण से श्रम साध्यता घटेगी, स्वच्छ एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण सुनिश्चित होगा तथा गुणवत्तापूर्ण निर्यात योग्य उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। उन्होंने मखाना उद्योग में स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों के पालन पर विशेष बल दिया।

    

अमित सिंह ने भारतीय गुणवत्ता परिषद के उद्देश्यों एवं गुणवत्ता संवर्धन कार्यक्रमों की जानकारी दी और कहा कि गुणवत्ता संस्कृति, मानकीकरण एवं क्षमता निर्माण जैसे माध्यम को अपनाकर मखाना क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी, किसानों के आय सृजन के साथ-साथ निर्यात की संभावनओं को भी सुदृढ़ किया जा सकता हैं।

इस अवसर पर नीरज कुमार झा, जिला उद्यान अधिकारी, दरभंगा, ने राष्ट्रीय मखाना बोर्ड तथा सरकारी योजनाओं, डॉ. आई.एस. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, ने अनुशंसित उत्पादन पद्धतियों, के निरंजन रेड्डी, एजीएम (APEDA), ने निर्यात गुणवत्ता तथा डॉ. आर.के. विश्वकर्मा, प्रधान वैज्ञानिक, सीफेट, लुधियाना,  ने मखाना प्रसंस्करण में मशीनीकरण की भूमिका पर अपने विचार रखे।

 

किसान संवाद सत्र का संचालन डॉ. मनोज कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक, ने किया, जिसमें किसानों एवं उद्यमियों ने भी अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने गुणवत्ता संकल्प के माध्यम से गुणवत्ता को जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प भी लिया।

गुणवत्ता मंथन का संचालन शिवम शुक्ला और मो. सलीम, भारतीय गुणवत्ता परिषद्, ने तथा धन्यवाद ज्ञापन अमित सिंह ने प्रस्तुत किया।

(स्रोतः भाकृअनुप-राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केन्द्र, दरभंगा)

 

 

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