28 जून, 2026, लखनऊ
उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने अयोध्या में आयोजित मातृ शक्ति कॉन्क्लेव-2026 में महिला सशक्तिकरण एवं सतत आजीविका को बढ़ावा देने हेतु भाकृअनुप-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (भाकृअनुप-एनबीएफजीआर) की ‘मिशन नवशक्ति’ पहल की सराहना की।
कार्यक्रम के वैज्ञानिक एवं समुदाय-केन्द्रित दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए माननीय राज्यपाल ने मिशन नवशक्ति को महिला सशक्तिकरण का एक प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय मॉडल बताया, जिसके अंतर्गत अब तक 570 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. काजल चक्रवर्ती, निदेशक, भाकृअनुप-एनबीएफजीआर तथा डॉ. पूनम जयंत सिंह, नोडल अधिकारी, भाकृअनुप-एनबीएफजीआर के एससीएसपी घटक, को माननीय राज्यपाल द्वारा प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

महिला-नेतृत्व वाले आजीविका विकास, उद्यमिता संवर्धन तथा आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सहयोग को मजबूत करने हेतु भाकृअनुप-एनबीएफजीआर और अयोध्या के मुख्य विकास अधिकारी के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
हाल ही में भाकृअनुप-एनबीएफजीआर ने मिशन नवशक्ति के अंतर्गत एससीएसपी घटक के तहत 9 से 11 जून 2026 के दौरान सजावटी मत्स्य पालन, एक्वेरियम निर्माण एवं सूक्ष्म उद्यमिता पर प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया था। यह कार्यक्रम डीएमएमयू-एनआरएलएम, आरआईआरडी तथा जिला प्रशासन, अयोध्या के सहयोग से आयोजित किया गया।
उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग की महानिदेशक श्रीमती धनलक्ष्मी के. (आईएएस) ने सजावटी मत्स्य पालन को ग्रामीण महिलाओं के लिए सतत आय सृजित करने में सक्षम एक आर्थिक रूप से व्यवहार्य आजीविका विकल्प बताया।
अयोध्या के मुख्य विकास अधिकारी श्री कृष्ण कुमार सिंह (आईएएस) ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से बाजार संपर्क विकसित करने के लिए संस्थागत सहयोग का आश्वासन दिया, जिससे महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के व्यावसायीकरण को सुविधा मिलेगी।

सफल उद्यमियों ने अपनी उद्यमशीलता की यात्रा साझा की, जिससे प्रतिभागियों को सजावटी मत्स्य पालन आधारित उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरणा मिली।
आजीविका हस्तक्षेप के तहत मसौधा स्थित तुलसी तारा डडेरा गांव के तालाबों में सजावटी मछलियां छोड़ी गईं, जबकि चयनित लाभार्थियों को घरेलू स्तर पर उद्यम स्थापना को सुविधाजनक बनाने के लिए सोलर किट एवं एक्वेरियम किट वितरित किए गए।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ)







फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें