17 अप्रैल, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद, ने आज तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के याचरम मंडल में मेरा गांव मेरा गौरव (एमजीएमजी) कार्यक्रम के तहत मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता अभियान आयोजित किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने टिकाऊ पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देने में इस अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरक उपयोग अपनाने की सलाह दी तथा यूरिया के अत्यधिक प्रयोग से बचने के लिए चेताया। अधिकारियों ने बताया कि यूरिया का अधिक उपयोग मृदा स्वास्थ्य, फसल उत्पादकता और खेती की लागत पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

The benefits of biofertilizers in reducing dependence on chemical fertilizers and maintaining soil health was कार्यक्रम के दौरान जैव उर्वरकों के लाभों पर विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि जैव उर्वरकों के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है और मृदा स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। साथ ही, जैव उर्वरकों द्वारा बीज उपचार की तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया। किसानों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के अंतर्गत जैविक खाद और हरी खाद के उपयोग की भी सलाह दी गई, ताकि कृषि को अधिक टिकाऊ बनाया जा सके।

इस अवसर पर किसानों को मृदा नमूना संग्रहण की सही प्रक्रिया के बारे में शिक्षित किया गया तथा खेत स्तर पर बेहतर पोषक तत्व प्रबंधन के लिए मृदा नमूना तकनीकों से संबंधित जानकारी पूर्ण साहित्य भी वितरित किया गया।
कार्यक्रम में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा संवादात्मक सत्रों और प्रदर्शन गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता दिखाई।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)







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