राजस्थान स्थित केवीके की समीक्षा व योजना कार्यशाला

7 दिसंबर, 2016, बनस्थली, टोंक (राजस्थान)

भाकृअनुप – कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोधपुर द्वारा राजस्थान के केवीके की राज्य स्तरीय दो दिवसीय समीक्षा एवं योजना कार्यशाला का आयोजन बनस्थली विद्यापीठ, टोंक, राजस्थान में किया गया।

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प्रो. आदित्य शास्त्री, कुलपति, बनस्थली विद्यापीठ, टोंक ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में इस बड़ी आबादी वाले देश में खाद्य की कमी से खाद्य के विषय में आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिले में कृषि प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन तथा प्रसार के लिए केवीके के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधन संरक्षण के विषय पर बोलते हुए उन्होंने टिकाऊ कृषि के माध्यम से दूसरी हरित क्रांति पर बल दिया। प्रो. शास्त्री ने कहा कि इस दिशा में केवीके की भूमिका महत्वपूर्ण है।

डॉ. एस.के. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप – कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोधपुर ने अपने संबोधन में जिला स्तर पर ज्ञान संसाधन केन्द्र के व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में केवीके की प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि क्षेत्रफल, प्राकृतिक संसाधनों और जलवायु परिवर्तन की स्थिति में गिरावट हो रही है तथा इस परिदृश्य में किसानों के लिए कृषि को एक लाभदायी उद्यम बनाने पर बल दिया। जिलों में प्रदर्शन, मूल्यांकन और शोधन के माध्यम से स्थान विशेष प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए केवीके कार्य कर रहे हैं। केवीके के माध्यम से आर्या, एनएफएसएम, एनएमओओपी, जलवायु सहिष्णु एकीकृत कृषि पद्धति, कृषि दक्षता विकास कार्यक्रम, दलहनों के उत्पादन बढ़ाने के लिए दलहनी बीज केन्द्र जैसे विभिन्न कार्यक्रम लागू किए जा रहे है।

डॉ. गोपाल लाल निदेशक, भाकृअनुप- एनआरसीएसएस, अजमेर ने किसानों के खेतों में फसलों के बीच बीजीय मसालों के महत्व के बारे में चर्चा किया। उच्च बीजीय मसालों से फसल लागत कम होती है जिससे किसान बीज किस्मों की खेती के द्वारा ज्यादा लाभ कमा सकते हैं। बीजीय मसालों की उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता है और केवीके इस दिशा में उत्प्रेरक के तौर पर कार्य कर सकते हैं। इसके साथ ही किसानों को शिक्षित करने की आवश्यकता है जिससे बीजीय मसालों का गुणवत्तापूर्ण उत्पादन हो तथा किसानों को बीजीय मसालों के निर्यात द्वारा अधिक आय की प्राप्ति हो।

एसएयू राजस्थान के शिक्षा विस्तार निदेशालय के अधिकार क्षेत्र द्वारा केवीके की विकास कार्यों को प्रस्तुत किया गया। कार्यशाला के दौरान केवीके के विकास कार्यों तथा वर्ष 2017-18 के लिए वार्षिक कार्य योजना पर प्रस्तुतियां दी गई।

(स्रोतः भाकृअनुप – कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोधपुर)