अंतर्राष्ट्रीय नारियल आनुवंशिक संसाधन संघ की संचालन समिति की 16वीं बैठक का आयोजन

कोच्चि, 10 जुलाई, 2012

16th International Coconut Genetic Resources Network Steering Committee Meeting held भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और बायोडाइवर्सिटी इंटरनेशनल के तत्वाधान में 8 से 10 जुलाई, 2012 को अंतर्राष्टीय नारियल आनुवंशिक संसाधन संघ (सीओजीईएनटी) की संचालन समिति की 16वीं बैठक का कोच्चि में आयोजन किया गया। इस बैठक का उद्धाटन डॉ. एच.पी. सिंह, उप महानिदेशक (बागवानी), आईसीएआर ने किया। इस बैठक की अध्यक्षता डॉ. अलोऊ, सीओजीईएनटी, कोट दीवोइर ने की तथा डॉ. रोमुलो अरानकोन, कार्यकारी निदेशक, एशिया-प्रशांत नारियल समुदाय (एपीसीसी), डॉ. पौला ब्रामेल, ग्लोबल क्रॉप डाइवर्सिटी ट्रस्ट (जीसीडीटी), डॉ. जॉर्ज वी. थॉमस, निदेशक, केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान (सीपीसीआरआई) और डॉ. रोलैंड बोरडिक्स, सीओजीईएनटी ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।

डॉ. एच.पी. सिंह ने अपने उद्घाटन भाषण में वैश्विक समुदाय से नारियल क्षेत्र में उत्पादन और लाभप्रदता में सुधार लाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वैश्विक जीन बैंक को आनुवंशिक सम्पदा के बेहतर संरक्षण के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता है और इसके लिए सीजीआईएआर द्वारा वित्त उपलब्ध कराए जाने की संभावनाओं पर विचार किए जाना चाहिए।

नारियल आनुवंशिक संसाधन के संरक्षण में सहायक के रूप में केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान (सीपीसीआरआई), सीओजीईएनटी के प्रारंभिक काल वर्ष 1992 से ही संचालन समिति के एक सक्रिय सदस्य के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है। भारत के पास विश्व में नारियल के विविध जर्मप्लाज्म का सबसे बड़ा संग्रह है तथा यह दक्षिण एशिया के लिए अंतर्राष्ट्रीय नारियल जीन बैंक की मेजबानी भी करता है। भारत ने नारियल में सुधार के लिए उपलब्ध नारियल जर्मप्लाज्म का उपयोग किया है और इसके द्वारा विभिन्न 34 उन्नत किस्मों का विकास किया है जो विभिन्न राज्यों में उच्च उत्पादन प्रदान कर रही हैं। भारत ने पूर्व में वर्ष 2001 व 2005 में भी सीओजीईएनटी की संचालन समिति की बैठक की मेजबानी की है।  

संचालन समिति की इस 16वीं बैठक में सीओजीईएमटी के नारियल उगाने वाले 14 देशों ने भाग लिया। इसमें चीन, भारत, इंडोनेशिया, आइवरी कोस्ट, केन्या, मेडागास्कर, मलेशिया, मेक्सिको, ओमान, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपीन्स, श्रीलंका, तंजानिया, वियेतनाम, ब्राजील के अलावा एशिया-प्रशांत के नारियल समुदाय के देश, नारियल विकास संघ, ग्लोबल क्रॉप डाइवर्सिटी ट्रस्ट, प्रशांत समुदाय का सचिवालय, बायोडाइवर्सिटी इंटरनेशल साथ ही भारत और ब्राजील की निजी क्षेत्र की संस्थाएं भी शामिल थीं।

इस बैठक में कुल दस तकनीकी सत्रों में विचार-विमर्श किया गया। बैठक के परिणाम के रूप में, नारियल संरक्षण पर अनुसंधान तथा सीओजीईएनटी के 39 सदस्य देशों में इसके प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए अनुशंसाओं को अंतिम रूप दिया गया।

इस बैठक का समापन 10 जुलाई को हुआ तथा पांच नारियल उत्पादक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए संचालन समिति का पुनर्गठन किया गया। डॉ. जॉर्ज वी. थॉमस, निदेशक सीपीसीआरआई को सर्वसम्मति से सीओजीईएनटी की संचालन समिति का अध्यक्ष चुना गया।

(स्त्रोत:सीपीसीआरआई)