भाकृअनुप-सीएसडब्ल्यूआरआई अविकानगर का 65वां स्थापना दिवस तथा किसान-वैज्ञानिक संगोष्ठी एवं संस्थान द्वारा विकसित ऊनत तकनिकीयों की प्रदर्शनी" का आयोजन

भाकृअनुप-सीएसडब्ल्यूआरआई अविकानगर का 65वां स्थापना दिवस तथा किसान-वैज्ञानिक संगोष्ठी एवं संस्थान द्वारा विकसित ऊनत तकनिकीयों की प्रदर्शनी" का आयोजन

4 जनवरी, 2026, अविकानगर

भारतीय क़ृषि अनुसन्धान परिषद के संस्थान केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संस्थान (सीएसडब्ल्यूआरआई), अविकानगर, तहसील – मालपुरा, जिला- टोंक, राजस्थान, द्वारा आज 65वां स्थापना दिवस तथा "किसान - वैज्ञानिक संगोष्ठी एवं संस्थान द्वारा विकसित ऊनत तकनिकीयों की प्रदर्शनी" का आयोजन डॉ. अरुण कुमार तोमर, भाकृअनुप-सीएसडब्ल्यूआरआई, की अध्यक्षता में किया गया।

 

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ एम.के. चेटली, निदेशक, केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अनिल पूनिया, निदेशक, राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसन्धान केन्द्र, बीकानेर एवं डॉ. विजय वीर सिंह, निदेशक, भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान, भरतपुर, उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि डॉ. एम.के. चेटली द्वारा भी अपने संस्थान द्वारा किये जा रहे कार्य के बारे मे बताया। उन्होंने उपस्थिति किसानो को फरवरी माह में मथुरा के बकरी मेला में आने का निवेदन किया। डॉ. चेटली ने वर्तमान समय मे संस्थानों एवं किसानों के जुड़ाव को मजबूत करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम को जरुरी बताया।

विशिष्ट अतिथि डॉ पुनिया एवं डॉ विजयवीर सिंह ने किसानों द्वारा अधिकतम उत्पादन के लिए दोनों संस्थानों की आवश्यक वैज्ञानिक पद्धति अपनाने हेतु प्रेरित कियाl

 

डॉ. तोमर ने बताया कि संस्थान भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित परियोजनाओं द्वारा राजस्थान के विभिन्न जिलों (टोंक, प्रतापगढ़, सिरोही, दौसा, बीकानेर, उदयपुर, बाड़मेर एवं अन्य जिले) एवं हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के किसानो के लिए वैज्ञानिक पशुपालन प्रशिक्षण का प्रत्साहन कर रहा है। उन्होंने कहा संस्थान हर वर्ष ऊनत नस्ल के भेड़ - सिरोही बकरी एवं खरगोश के स्वास्थ्य शिविर किसान के गाँव ढाणी जाकर कर आयोजित करता है। निदेशक ने बताया कि लोगो में अब छोटे पशु भेड़-बकरी एवं खरगोश पालन के प्रति रुझान बढ़ रहा है। छोटा पशु एक चलता फिरता एटीएम तथा किसी भी परिस्थिति मे पालन किया जाने वाले पशु है। उन्होंने संस्थान की अविशान को देश में मांस की मांग को पुरे करने मे अच्छा नस्ल बताया।

पधारे अथितियों को संस्थान के निदेशक द्वारा अविकानगर के सेक्टर 9, सिरोही बकरी, खरगोश एवं सेक्टर 12 पर भेड़ की नस्ल की पशुओ की प्रदर्शनी का अवलोकन कराया गया तथा संस्थान द्वारा निर्मित उत्पादों से उन्हें स्वागत किया गया। साथ ही, इस अवसर पर आये विभिन्न परियोजना से जुड़े किसानो को संस्थान द्वारा विकसित ऊनत तकनिकीयों के बारे मे विस्तार से बताया गया।

 

इस अवसर पर अथितियों द्वारा संस्थान के पशु स्वास्थ्य कैलेंडर, भेड़ बकरी एवं खरगोश पालन पुस्तक, संस्थान की उपलब्ध तकनिकीयों के साथ वर्तमान समय तक के यात्रा का फोल्डर का विमोचन किया गया।

स्थापना दिवस कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा सिरोही बकरी परियोजना से जुड़े 10 अनुसूचित जाति किसानों को कंबल तथा एसीएसपी उप-योजना से जुड़े किसानों को पशुपालन से जुड़े आवश्यक सामान देकर उन्हें लाभान्वित किया गया।

1000 से ज्यादा किसान राजस्थान के विभिन्न जिलों से 60 किसान का दल हिमाचल प्रदेश से स्थापना दिवस कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। कार्यक्रम में  बताई जानकारी पर सवाल जवाब का सेशन हुआ जिसके विजेता को अतिथि द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया।

श्री इंद्र भूषण कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गयाl

(स्रोतः भाकृअनुप-केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संस्थान, अविकानगर)

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