3 जुलाई, 2026, कोच्चि
भाकृअनुप-केन्द्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-सीएमएफआरआई), कोच्चि ने दक्षिणी केरल के तट से लगे अरब सागर में गहरे समुद्र की एक नई मछली प्रजाति की खोज की है।
साइटॉप्सिस इंडिका (भारतीय डोरी) नामक यह मछली पूर्वी लक्षद्वीप सागर के महाद्वीपीय ढाल (कॉन्टिनेंटल स्लोप) के साथ 350 से 500 मीटर की गहराई पर पाई गई। नई पहचानी गई यह मछली साइटॉप्सिस (Cyttopsis) वंश से संबंधित है, जो समुद्री मछलियों का एक आदिम समूह है और सामान्यतः "डोरी" के नाम से जाना जाता है। यह खोज कोल्लम स्थित शक्तिकुलंगरा मत्स्य बंदरगाह पर गहरे समुद्र में ट्रॉलिंग से प्राप्त छह नमूनों के आधार पर की गई।

डॉ. रतीश कुमार आर., वैज्ञानिक, सीएमएफआरआई, के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने पारंपरिक वर्गिकी (टैक्सोनॉमिक) विश्लेषण तथा उन्नत आणविक तकनीकों के संयोजन के माध्यम से पुष्टि की कि यह एक नई प्रजाति है। अब तक हिंद महासागर में पाई जाने वाली इस मछली को साइटॉप्सिस रोज़िया (Cyttopsis rosea) माना जाता था, लेकिन इस अध्ययन के बाद इस प्रजाति का वितरण केवल अटलांटिक महासागर तक सीमित माना गया है। डीएनए विश्लेषण से इस वंश की अन्य सभी ज्ञात प्रजातियों की तुलना में इसमें स्पष्ट आनुवंशिक भिन्नता का पता चला, जिससे लंबे समय से चली आ रही वर्गिकी संबंधी त्रुटि का भी सुधार हुआ।
यह शोध इंडियन जर्नल ऑफ फिशरीज के नवीनतम अंक में प्रकाशित हुआ है। यह खोज भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट के गहरे समुद्री क्षेत्रों में छिपी समृद्ध, किंतु अब तक काफी हद तक अन्वेषित नहीं की गई समुद्री जैव विविधता को रेखांकित करती है।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान, कोच्चि)







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