30 जून, 2026, वडोदरा
भाकृअनुप-केन्द्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-सीआईएफआरआई), बैरकपुर, के वडोदरा अनुसंधान केन्द्र ने 29–30 जून, 2026 को जीएसएफसी विश्वविद्यालय, वडोदरा में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (मध्य गुजरात) में सक्रिय भागीदारी की। इस सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, उद्यमियों तथा अन्य प्रमुख हितधारकों ने गुजरात में अंतर्देशीय मत्स्य पालन एवं संबद्ध क्षेत्रों में सतत विकास, नवाचार तथा निवेश को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण “गुजरात को अंतर्देशीय मत्स्य पालन की शक्ति के रूप में विकसित करना” विषय पर आयोजित संगोष्ठी रही, जिसकी अध्यक्षता केन्द्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी एवं पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में की। संगोष्ठी में गुजरात सरकार के कृषि, किसान कल्याण एवं सहकारिता विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरुण कुमार सोलंकी (आईएएस) तथा गुजरात सरकार के मत्स्य आयुक्त श्री विजय खराड़ी (आईएएस) भी उपस्थित रहे।
तकनीकी सत्रों के दौरान विशेषज्ञों ने “ब्लू इंफ्रास्ट्रक्चर की आधारशिला का निर्माण: गुजरात के अंतर्देशीय मत्स्य पालन में विकास की संभावनाओं को साकार करना” विषय पर आमंत्रित व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में अंतर्देशीय मत्स्य पालन के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, वैज्ञानिक प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने तथा राज्य में सतत मत्स्य विकास को गति देने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित हस्तक्षेपों को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

विशेषज्ञों ने ब्लू रिवोल्यूशन को समर्थन देने वाली भाकृअनुप-सीआईएफआरआई की व्यावसायिक रूप से प्रमाणित प्रौद्योगिकियों का भी प्रदर्शन किया। संस्थान के पवेलियन ने गणमान्य व्यक्तियों, सरकारी अधिकारियों, उद्यमियों, मत्स्य पालकों, विद्यार्थियों तथा आम नागरिकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने वैज्ञानिकों के साथ संवाद कर मछली उत्पादन बढ़ाने, आजीविका में सुधार तथा अंतर्देशीय जल संसाधनों के सतत उपयोग को सुनिश्चित करने वाली नवीन प्रौद्योगिकियों की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर दिए गए संदेश में डॉ. प्रदीप डे, निदेशक, भाकृअनुप-सीआईएफआरआई, ने अंतर्देशीय मत्स्य पालन के सतत विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “गुजरात में वैज्ञानिक नवाचार, संसाधनों के सतत प्रबंधन तथा प्रौद्योगिकी आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से अंतर्देशीय मत्स्य पालन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनने की अपार संभावनाएं हैं। भाकृअनुप-सीआईएफआरआई राज्य के मत्स्य क्षेत्र को आवश्यकता-आधारित प्रौद्योगिकियों के विकास एवं प्रसार, क्षमता निर्माण पहलों को सुदृढ़ करने तथा सहयोगात्मक साझेदारियों को बढ़ावा देकर समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे मछली उत्पादन में वृद्धि, आजीविका में सुधार तथा एक सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर ब्लू इकोनॉमी के दृष्टिकोण को साकार करने में योगदान मिल सके।”
सम्मेलन का समापन एक भव्य समापन सत्र के साथ हुआ, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल तथा केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह उपस्थित रहे। इस अवसर पर वैज्ञानिक नवाचार, आधारभूत संरचना विकास तथा सहयोगात्मक साझेदारियों के माध्यम से अंतर्देशीय मत्स्य पालन को सुदृढ़ करने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया गया।
भाकृअनुप-सीआईएफआरआई की भागीदारी ने भारत के अंतर्देशीय मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत विकास के लिए अनुसंधान-आधारित समाधानों एवं प्रौद्योगिकी प्रसार को आगे बढ़ाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया, साथ ही अंतर्देशीय मत्स्य पालन विकास के अग्रणी केंद्र के रूप में उभरने के गुजरात के दृष्टिकोण को भी सुदृढ़ किया।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर, कोलकाता)







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