25–26 मई, 2026, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह
भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान (सीआईएआरआई), श्री विजयपुरम ने 25 मई, 2026 को रंगत के सीतापुर तथा 26 मई, 2026 को डिगलीपुर के सीतानगर ग्राम पंचायत में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की निचले भूभागीय परिस्थितियों में धान की खेती पर दो जागरूकता-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इन कार्यक्रमों का आयोजन अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के कृषि विभाग के सहयोग से तथा भाकृअनुप-केवीके निम्बुडेरा, रंगत के समर्थन से, एआईसीआरपी सीड (फसल) परियोजना की वित्तीय सहायता के अंतर्गत किया गया।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों के बीच द्वीपों की निचले भूभागीय पारिस्थितिक परिस्थितियों के लिए उपयुक्त उन्नत धान उत्पादन पद्धतियों तथा तकनीकों के प्रति जागरूकता पैदा करना था, जिससे धान की उत्पादकता और स्थिरता में वृद्धि हो सके।

कार्यक्रम के दौरान आधुनिक धान उत्पादन पद्धतियों, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में सतत धान उत्पादन के लिए उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने के संबंध में किसानों की जागरूकता को सुदृढ़ करने के महत्व पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान धान की उन्नत उच्च उपज देने वाली किस्मों (एचवाईवी), गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, वैज्ञानिक धान उत्पादन पद्धतियों तथा द्वीपों में धान की उत्पादकता में सतत वृद्धि के लिए मृदा उर्वरता प्रबंधन पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया गया।
सीतापुर कार्यक्रम में रंगत की सहायक कृषि निदेशक श्रीमती शर्ली थॉमस ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का अवलोकन प्रस्तुत किया तथा निचले भूभागीय क्षेत्रों में धान की उत्पादकता बढ़ाने के लिए उन्नत तकनीकों को अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला।
सतत फसल उत्पादन के लिए उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा उर्वरता सुधार रणनीतियों पर चर्चा की गई। साथ ही धान की खेती में मशीनीकरण पर एक व्याख्यान भी दिया गया, जिसमें श्रम आवश्यकताओं को कम करने तथा परिचालन दक्षता में सुधार करने में कृषि मशीनीकरण के लाभों की व्याख्या की गई।

कार्यक्रमों के दौरान संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें किसानों ने वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से सहभागिता की तथा धान की खेती, पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा उर्वरता, फसल उत्पादन और कृषि मशीनीकरण से संबंधित प्रश्न पूछे। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की और अपने खेतों में अनुशंसित तकनीकों एवं पद्धतियों को अपनाने में गहरी रुचि व्यक्त की।
दोनों कार्यक्रमों में कुल 53 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 30 पुरुष और 23 महिला किसान शामिल थे। सीतापुर कार्यक्रम में आसपास के गांवों के 33 किसानों (15 पुरुष और 18 महिला) ने भाग लिया, जबकि सीतानगर कार्यक्रम में 20 किसानों (15 पुरुष और 5 महिला) ने सहभागिता की।
दोनों कार्यक्रमों का आयोजन भाकृअनुप-सीआईएआरआई, श्री विजयपुरम के निदेशक के समग्र मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक किया गया और सहभागी किसानों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त होने के साथ कार्यक्रमों का समापन हुआ।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम)







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