30 अप्रैल, 2026, कोलकाता
भाकृअनुप-राष्ट्रीय प्राकृतिक रेशा इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान ने बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), नवाचार तथा वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति के संरक्षण हेतु उपयुक्त कानूनी ढांचे के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विश्व बौद्धिक संपदा (IP) दिवस 2026 बड़े उत्साह के साथ मनाया। यह आयोजन विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2026 की थीम “आईपी और खेल : रेडी, सेट, इनोवेट” के अनुरूप आयोजित किया गया, जो खेल क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्रों में रचनात्मकता, तकनीकी प्रगति, ब्रांडिंग तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में बौद्धिक संपदा की भूमिका को रेखांकित करती है।

डॉ. डी.बी. शाक्यवार, निदेशक, आईसीएआर-निनफेट ने कृषि अनुसंधान, प्रौद्योगिकी व्यवसायीकरण तथा संस्थागत विकास में बौद्धिक संपदा के बढ़ते महत्व पर बल दिया। उन्होंने समाज एवं राष्ट्रीय प्रगति के हित में नवाचार आधारित अनुसंधान उपलब्धियों के संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान ‘भारत में बौद्धिक संपदा (IP) एवं पेटेंट प्रणाली का अवलोकन’ विषय पर एक मुख्य व्याख्यान आयोजित किया गया। इस व्याख्यान में बौद्धिक संपदा के विभिन्न स्वरूपों, पेटेंट दाखिल करने की प्रक्रिया, कानूनी संरक्षण तंत्र तथा नवाचार, उद्यमिता एवं ज्ञान-आधारित विकास को प्रोत्साहित करने में IPR की रणनीतिक भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। यह सत्र अत्यंत संवादात्मक रहा और प्रतिभागियों द्वारा इसकी सराहना की गई।

यह कार्यक्रम वैज्ञानिक समुदाय एवं युवा शोधकर्ताओं के बीच बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता और समझ बढ़ाने के लिए एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, तकनीकी अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों, अनुसंधान सहयोगियों तथा वरिष्ठ अनुसंधान फेलोज सहित लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय प्राकृतिक रेशा इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान)







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