2 मई, 2026, Goa
भाकृअनुप-कृषि विज्ञान केंद्र उत्तर गोवा ने आज भाकृअनुप-केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान में सतत फसल उत्पादन हेतु मृदा परीक्षण आधारित संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन पर एक जागरूकता अभियान आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों एवं हितधारकों को मृदा परीक्षण तथा पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग के महत्व के प्रति जागरूक करना था, ताकि मृदा स्वास्थ्य में सुधार, फसल उत्पादकता में वृद्धि तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा सके। अभियान में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि उर्वरकों का अंधाधुंध उपयोग करने के बजाय मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन अपनाना आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान भाकृअनुप-केवीके नॉर्थ गोवा के विशेषज्ञों ने फसल वृद्धि में प्रमुख एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व तथा मृदा परीक्षण की भूमिका के बारे में जानकारी दी, जिससे पोषक तत्वों की कमी एवं अधिकता की पहचान की जा सके। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व अनुशंसाओं को अपनाने से उत्पादन लागत में कमी, उर्वरक उपयोग दक्षता में सुधार तथा अत्यधिक उर्वरक प्रयोग से होने वाले पर्यावरणीय क्षरण को कम करने में सहायता मिलती है।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान)







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