भाकृअनुप-केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद में राजभाषा कार्यशाला का आयोजन

भाकृअनुप-केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद में राजभाषा कार्यशाला का आयोजन

25 जून, 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप-केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-क्रिडा), हैदराबाद, में आज डॉ. विनोद कुमार सिंह, निदेशक, भाकृअनुप-क्रिडा के मार्गदर्शन में एक राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग को बढ़ावा देना तथा राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जागरूक करना था।

 

कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. अर्चना पाण्डेय, सहायक निदेशक (राजभाषा), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), रक्षा मंत्रालय, ने सहभागिता की। अपने व्याख्यान में उन्होंने भारत सरकार की राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग की आवश्यकता तथा राजभाषा संबंधी नवीन पहलों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

डॉ. पाण्डेय ने विशेष रूप से गृह मंत्रालय के ‘लीला (LILA) ऐप’ तथा ‘राजभाषा सारथी’ पोर्टल की उपयोगिता एवं महत्त्व पर चर्चा करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इनके अधिकाधिक उपयोग हेतु प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ये डिजिटल माध्यम हिंदी शिक्षण, राजभाषा कार्यान्वयन तथा कार्यालयीन हिंदी के प्रोत्साहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

 

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों द्वारा राजभाषा कार्यान्वयन से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक प्रश्न भी पूछे गए, जिनका डॉ. पाण्डेय ने विस्तारपूर्वक समाधान प्रस्तुत किया। कार्यशाला में संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का संचालन श्री एस.के. आनंद, सहायक निदेशक (राजभाषा) द्वारा किया गया। उन्होंने अतिथि वक्ता का स्वागत करते हुए राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

   

समापन उद्बोधन में डॉ. सिंह ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने का आग्रह किया तथा राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को संस्थान की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।

(स्रोतः भाकृअनुप-केन्द्रीय बारानी कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)

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