भाकृअनुप-केन्द्रीय सिट्रस अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-सीसीआरआई), नागपुर, के कृषि व्यवसाय इन्क्यूबेशन केन्द्र सिट्रीहब ने महाराष्ट्र के इच्छुक सिट्रस नर्सरी उद्यमियों के लिए साइट्रस आधारित नर्सरी उद्यमिता पर एक विशेष इन्क्यूबेशन कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी रूप से दक्ष और बाज़ार के लिए तैयार नर्सरी उद्यमियों का विकास करना था, जो उच्च गुणवत्ता वाली साइट्रस रोपण सामग्री का उत्पादन कर सकें तथा सतत नर्सरी उद्यम स्थापित कर सकें।
इन्क्यूबेशन कार्यक्रम के एक अभिन्न भाग के रूप में तीन इन्क्यूबेटियों ने गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। प्रतिभागियों को वैज्ञानिक साइट्रस नर्सरी प्रबंधन के सभी प्रमुख पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया, जिसमें मदर ब्लॉक की स्थापना एवं रखरखाव, पारंपरिक बडिंग तथा माइक्रो-बडिंग तकनीकें, कंटेनर आधारित नर्सरी उत्पादन, नर्सरी प्रत्यायन (एक्रेडिटेशन) प्रक्रियाएं, गुणवत्ता मानक, बाज़ारोन्मुख व्यावसायिक रणनीतियां तथा बैंक योग्य व्यवसाय योजनाओं की तैयारी शामिल थी। पाठ्यक्रम में तकनीकी प्रशिक्षण के साथ उद्यमिता विकास को भी समाहित किया गया, ताकि प्रतिभागी व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य नर्सरी उद्यम स्थापित कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. दिलीप घोष, निदेशक, भाकृअनुप-सीसीआरआई, ने इन्क्यूबेटियों के साथ संवाद किया और उनके-अपने क्षेत्रों में साइट्रस नर्सरी उद्यमों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने उभरते अवसरों, क्षेत्र-विशिष्ट चुनौतियों तथा गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री उत्पादन की भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। साइट्रस क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने में नर्सरी उद्यमिता के महत्व पर बल देते हुए डॉ. घोष ने प्रतिभागियों को आश्वस्त किया कि उनके उद्यमों की सफल स्थापना और विस्तार के लिए सिट्रीहब द्वारा निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन, व्यावसायिक परामर्श तथा संस्थागत सहयोग प्रदान किया जाएगा।
प्रतिभागियों ने वैज्ञानिक ज्ञान को व्यावहारिक उद्यमिता प्रशिक्षण के साथ एकीकृत करने वाले व्यापक इन्क्यूबेशन पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध कराने के लिए सिट्रीहब के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने उनकी तकनीकी विशेषज्ञता में उल्लेखनीय वृद्धि की, आधुनिक नर्सरी प्रबंधन के प्रति उनकी समझ को व्यापक बनाया तथा पेशेवर ढंग से संचालित साइट्रस नर्सरी उद्यमों की स्थापना और विस्तार के प्रति उनका आत्मविश्वास बढ़ाया।
इस कार्यक्रम का सफल आयोजन संरचित इन्क्यूबेशन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा उद्यम विकास के माध्यम से सिट्रीप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के प्रति सिट्रीहब की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करता है। कुशल नर्सरी उद्यमियों को विकसित करके भाकृअनुप-सीसीआरआई भारत की सिट्रस मूल्य शृंखला को सुदृढ़ करने, ग्रामीण रोजगार सृजन तथा देशभर में सतत कृषि व्यवसाय विकास को बढ़ावा देने में निरंतर योगदान दे रहा है।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय सिट्रस अनुसंधान संस्थान, नागपुर)







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