भाकृअनुप-सीफे, कोलकाता केन्द्र ने असम में उत्पादकत तथा किसानों का लाभ बढ़ाने के लिए विविध प्रजातियों की मिश्रित मत्स्य पालन पद्धति का किया प्रदर्शन

भाकृअनुप-सीफे, कोलकाता केन्द्र ने असम में उत्पादकत तथा किसानों का लाभ बढ़ाने के लिए विविध प्रजातियों की मिश्रित मत्स्य पालन पद्धति का किया प्रदर्शन

7 अक्टूबर, 2026, असम

पारंपरिक कार्प मिश्रित मत्स्य पालन पद्धतियों से मछली उत्पादन और लाभप्रदता बढ़ाने के लिए भाकृअनुप-केन्द्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान (सीआईएफई), कोलकाता केन्द्र ने एनईएच योजना के अंतर्गत असम के धेमाजी जिले में 25 किसानों के तालाबों में आहार-आधारित, विविध प्रजातियों की मिश्रित मत्स्य पालन पद्धति पर वैज्ञानिक प्रदर्शन कार्यक्रम शुरू किया है।

ICAR-CIFE, Kolkata Centre Demonstrates Species-Diversified Fish Polyculture to Enhance Productivity and Farmers’ Returns in Assam

इस प्रदर्शन में भाग लेने वाले किसानों ने इससे पहले भाकृअनुप-सीफे, कोलकाता केन्द्र द्वारा आयोजित कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त किया था। किसानों की सहभागिता पर आधारित अनुसंधान पहल के अंतर्गत, मत्स्य बीज और पेलेटयुक्त मछली आहार सहित जलीय कृषि के महत्वपूर्ण आदान मुख्य अतिथि श्री सपन सैकिया, पंचायत अध्यक्ष, सिमेन चापोरी द्वारा वितरित किए गए।

भाकृअनुप-सीआईएफई के वैज्ञानिकों की उपस्थिति में किसानों ने अपने तालाबों में मछली के बीज का संचयन किया। वैज्ञानिक जलीय कृषि पद्धतियों को प्रभावी ढंग से अपनाना सुनिश्चित करने के लिए कार्प की मिश्रित मत्स्य पालन पद्धति में संचयन-पूर्व, संचयन और संचयन-पश्चात प्रबंधन प्रक्रियाओं पर तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।

ICAR-CIFE, Kolkata Centre Demonstrates Species-Diversified Fish Polyculture to Enhance Productivity and Farmers’ Returns in Assam

6–7 अक्टूबर, 2026 के दौरान एक महिला सहित कुल 25 किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया और आवश्यक जलीय कृषि आदान प्राप्त किए। इस प्रदर्शन से विविध प्रजातियों की मिश्रित मत्स्य पालन पद्धतियों को अपनाने के लिए एक व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत होने की उम्मीद है। साथ ही, इससे क्षेत्र के 100 से अधिक मत्स्य किसानों को मछली उत्पादन और आर्थिक लाभ बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे धेमाजी जिले और असम में मत्स्य पालन के विकास में योगदान होगा।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान, कोलकाता केन्द्र)

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