8 मई, 2026, दतिया, मध्य प्रदेश
डॉ. ए.के. नायक, उप-महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन), भाकृअनुप, तथा डॉ. राकेश कुमार, सहायक महानिदेशक (एएएफ एवं सीसी), ने आज मध्य प्रदेश के दतिया स्थित भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (आईआईएसडब्ल्यसी) अनुसंधान केन्द्र का दौरा कर केन्द्र में संचालित अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान गणमान्य अधिकारियों ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी कर्मचारियों के साथ संवाद किया तथा टिकाऊ प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन हेतु संचालित विभिन्न पहलों की समीक्षा की। उन्होंने जलवायु-सहिष्णु एवं संसाधन-संरक्षण प्रौद्योगिकियों के विकास, मृदा एवं जल संरक्षण उपायों को सुदृढ़ करने, एकीकृत कृषि वानिकी प्रणालियों को बढ़ावा देने तथा अवनत भूमि के प्रभावी प्रबंधन के लिए जल विज्ञान एवं कार्बन पृथक्करण अध्ययनों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अधिकारियों ने विशेष रूप से बांस आधारित जैव बाड़बंदी तथा फलोद्यान विकास के क्षेत्रों में केन्द्र की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने वैज्ञानिक समुदाय को बदलती जलवायु परिस्थितियों के बीच टिकाऊ कृषि विकास के लिए बहु-विषयक अनुसंधान प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया।
यह दौरा प्राकृतिक संसाधन संरक्षण एवं जलवायु-सहिष्णु कृषि के लिए नवाचारी और टिकाऊ समाधानों को बढ़ावा देने की दिशा में भाकृअनुप की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।
(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून)







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