6 मई, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन-X, हैदराबाद, के अंतर्गत 6 मई, 2026 को संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर एक गहन अभियान चलाया गया। यह अभियान आंध्र प्रदेश के सात कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के माध्यम से आठ जिलों में आयोजित किया गया। अभियान के अंतर्गत कुल 7 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिनके माध्यम से किसान गोष्ठियों, खेत-स्तरीय विस्तार गतिविधियों तथा सलाहकार सेवाओं द्वारा सीधे 442 किसानों तक पहुंच बनाई गई। वहीं 6 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 368 किसानों को वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य सुधार, हरी खाद तथा जैव उर्वरकों के उपयोग पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस अभियान में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, कृषि आदान विक्रेताओं तथा किसान समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों द्वारा बैठकों, टीवी एवं रेडियो वार्ताओं तथा जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विशेषज्ञ व्याख्यान दिया गया। डिजिटल प्रसार अभियान की एक प्रमुख विशेषता रही, जिसके माध्यम से व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्मों के जरिए 2,30,923 किसानों तक पहुंच बनाई गई। इसके अतिरिक्त 984 किसानों तक प्रत्यक्ष भौतिक संपर्क के माध्यम से जानकारी पहुंचाई गई। विस्तार गतिविधियों के अंतर्गत हरी खाद एवं जैव उर्वरकों पर प्रदर्शन आयोजित किया गया, साथ ही दीवार लेखन तथा पोस्टर प्रदर्शन जैसी जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की गईं। इन प्रयासों से पूरे क्षेत्र में संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इसके अपनाने को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई।

इसी क्रम में, भाकृअनुप-एटारी जोन-X, हैदराबाद, के अंतर्गत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 6 मई, 2026 को संचालित संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान में सभी 72 कृषि विज्ञान केन्द्रों की भागीदारी रही। इस व्यापक अभियान ने क्षेत्रीय विस्तार सेवाओं, क्षमता निर्माण तथा डिजिटल पहुंच के मजबूत समन्वय को प्रदर्शित किया। अभियान के दौरान किसान गोष्ठियों एवं फील्ड डे सहित कुल 48 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिनसे सीधे 2,196 किसान लाभान्वित हुआ। इसके अतिरिक्त 21 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 1,045 किसानों को वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य सुधार, हरी खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग पर प्रशिक्षण दिया गया। अभियान के अंतर्गत 4 किसान मेलों का भी आयोजन किया गया, जिनमें 115 किसानों ने भाग लिया। साथ ही हितधारक संवाद कार्यक्रम और कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों द्वारा विशेषज्ञ व्याख्यान भी आयोजित किया गया। डिजिटल माध्यम इस अभियान का प्रमुख आधार रहे, जिनके माध्यम से व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों द्वारा 3,00,097 किसानों तक पहुंच बनाई गई। इसके साथ ही 3,751 किसानों तक प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित किया गया। विस्तार गतिविधियों के अंतर्गत हरी खाद, जैव उर्वरकों एवं अन्य टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर 113 प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त दीवार लेखन, पोस्टर प्रदर्शन, टीवी वार्ताएं तथा रेडियो वार्ताएं जैसी जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की गईं। इन सभी प्रयासों ने क्षेत्र में संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इसके व्यापक अपनाने को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन-X, हैदराबाद)







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