भाकृअनुप-आईआईएबी, रांची ने नैनोकण संश्लेषण मशीन प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए ‘डिज़ाइन पंजीकरण’ प्राप्त किया

भाकृअनुप-आईआईएबी, रांची ने नैनोकण संश्लेषण मशीन प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए ‘डिज़ाइन पंजीकरण’ प्राप्त किया

5 जुलाई, 2026, रांची

कृषि जैव प्रौद्योगिकी और नैनो प्रौद्योगिकी में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, भाकृअनुप-भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएबी), रांची को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा एक अभिनव ‘रिएक्शन वेसल’ विकसित करने के लिए ‘डिज़ाइन पंजीकरण’ प्रदान किया गया है। यह डिज़ाइन डिज़ाइन संख्या 462528-001; दिनांक 17 जून, 2025 के अंतर्गत पंजीकृत है और इस विकसित मशीन प्रोटोटाइप की नवीनता एवं मौलिकता को मान्यता प्रदान करता है।

इस रिएक्शन वेसल का विकास डॉ. बिप्लब सरकार, भाकृअनुप-भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, रांची के नेतृत्व में, भाकृअनुप-केन्द्रीय जूट एवं संबद्ध रेशा अनुसंधान संस्थान, कोलकाता तथा भाकृअनुप-राष्ट्रीय द्वितीयक कृषि संस्थान, रांची के वैज्ञानिकों के सहयोग से किया गया।

ICAR-IIAB, Ranchi secures ‘Design Registration’ for developing nanoparticle-synthesizing machine prototype

यह पायलट-स्तरीय रिएक्शन प्रणाली 75–100 लीटर उत्पादन क्षमता वाली है, जिसे स्टेनलेस स्टील के आधार पर निर्मित किया गया है तथा इसमें उन्नत तापमान-नियंत्रण जैकेट, स्वचालित मिश्रण (स्टिरिंग) प्रणाली और सीलबंद अभिकर्मक (रिएजेंट) पोर्ट लगाए गए हैं। यह प्रणाली धातु, धातु ऑक्साइड तथा जैवजनित (बायोजेनिक) नैनोकणों के पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन को उच्च परिशुद्धता और पुनरुत्पादन क्षमता के साथ संभव बनाती है।

इस अभिनव रिएक्शन वेसल को कम लागत वाली, स्मार्ट एवं मजबूत रिएक्शन प्रणाली के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जो रासायनिक तथा हरित (ग्रीन) नैनोकणों के साथ-साथ नैनो-उर्वरक, नैनो-खनिज, नैनो-कीटनाशक आदि जैसी उन्नत संरचनाओं के संश्लेषण को सक्षम बनाती है। यह उपलब्धि नवाचार को प्रोत्साहित करने, बौद्धिक संपदा सृजन को सुदृढ़ करने तथा किसानों और कृषि उद्यमियों के लाभ के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकसित करने के प्रति आईसीएआर की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह पंजीकृत डिज़ाइन भविष्य में नैनो प्रौद्योगिकी आधारित सतत कृषि अनुसंधान तथा प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देगा।

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डॉ. सुजय रक्षित, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईएबी, रांची, ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए अनुसंधान दल को बधाई दी और कहा कि इससे कृषि तथा समाज के हित में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के विकास में संस्थान की भूमिका और अधिक सुदृढ़ हुई है।

भाकृअनुप-आईआईएबी की संस्थान प्रौद्योगिकी प्रबंधन इकाई (आईटीएमयू) बौद्धिक संपदा सृजन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा उद्योगों के साथ साझेदारी को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। संस्थान पंजीकृत रिएक्शन वेसल प्रोटोटाइप के सहयोगात्मक अनुसंधान, उत्पाद विकास तथा प्रौद्योगिकी लाइसेंसिंग में रुचि रखने वाले उद्योगों, स्टार्टअप्स, अनुसंधान संगठनों और उद्यमियों को आमंत्रित करता है।

(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, रांची)

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