राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा प्रोग्राम के माध्यम से जनसेवा नेतृत्व को किया मजबूत

राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा प्रोग्राम के माध्यम से जनसेवा नेतृत्व को किया मजबूत

9 फरवरी, 2026, हैदराबाद

राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा प्रोग्राम 9 फरवरी, 2026 को भाकृअनुप–भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान, राजेन्द्र नगर, हैदराबाद, में आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम सरकारी कर्मचारियों में क्षमता निर्माण को बढ़ाने तथा सेवा आधारित सोच पैदा करने की एक राष्ट्रीय पहल का हिस्सा था।

डॉ. सी. तारा सत्यवती, निदेशक, भाकृअनुप–आईआईएमआर ने उत्तरदायित्वपूर्ण, पारदर्शी तथा नागरिक- केन्द्रित सेवा देने में सरकारी अधिकारियों की बदलती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने हिस्सा लेने वालों से व्यावसायिक उत्कृष्टता को नैतिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ने और अपने-अपने कार्य-क्षेत्र के जरिए देश के विकास में सक्रिय रूप से योगदान देने को कहा।

एक प्रखर क्षमता निर्माण पहल के तौर पर डिज़ाइन किए गए इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में चार विषय आधारित भाग शामिल थे, जो एक राष्ट्रीय कर्मयोगी के अवधारणा एवं भूमिका, सफलता तथा व्यावसायिक संतुष्टि के जरिए, सार्थक सेवा के पल बनाने तथा राष्ट निर्माण करने वालों के तौर पर सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारियों पर बात किया गया। सत्र संवादात्मक रूप से आयोजित किया गया, जिससे सोचने-समझने, ग्रुप में शामिल होने और व्यावहारिक रूप से सीखने को बढ़ावा मिला।

Strengthening Public Service Leadership through the Rashtriya Karmayogi Jan Seva Programme

प्रशिक्षण में आईजीओटी (iGOT) प्लेटफॉर्म के ज़रिए ऐप-आधारित सीखने के तरीकों को अपनाया गया, जिससे एक जीवंत हिस्सेदारी, आत्म-निरीक्षण एवं ज्ञान का आकलन मुमकिन हुआ। कार्यक्रम प्रशिक्षण के बाद के मूल्यांकन तथा उसके बाद डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान करने के साथ खत्म हुआ, जिससे सरकारी सिस्टम में लगातार, तकनीकी से सीखने की परंपरा को मजबूती मिली।

प्रतिभागियों को लोगों की सेवा के महत्व के बारे में गहरी समझ मिली साथ ही व्यावसायिक प्रेरणा को मजबूती मिला, साथ ही व्यक्तिगत जिम्मेदारी और संस्थागत एवं राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के बीच बेहतर तालमेल बना। कार्यक्रम ने, अनुभवों तथा उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण के अन्तर-संस्थानिक सहयोग एवं साझेदारी को आसान बनाया।

इस कार्यक्रम में प्रमुख भाकृअनुप संस्थान तथा साझेदार संस्थान के प्रतिभागियों ने एक साथ मंच साझा किया, जिससे साझा लर्निंग एवं संस्थानों के बीच साझेदारी हेतु एक प्लेटफार्म मिला।

(स्रोत: भाकृअनुप–भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान, राजेन्द्र नगर, हैदराबाद)

×