3 फरवरी, 2026, रामगढ़
भाकृअनुप–पूर्वी क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, पटना, ने अपने कृषि विज्ञान केन्द्र, रामगढ़ के जरिए 2–3 फरवरी, 2026 के दौरान दो दिन का कृषि यांत्रिकी मेला लगाया। इसका मकसद खेती के यंत्रीकरण एवं ड्रोन तकनीकी के ज़रिए किसानों को मज़बूत बनाना था। मेले का मुख्य मकसद किसानों, खासकर अनुसूचित जाति के किसानों और महिलाओं को मॉडर्न खेती की मशीनरी, ड्रोन-आधारित तकनीकी और महिलाओं के लिए सही खेती के औजारों से जोड़ना था, ताकि मेहनत कम हो, काम करने की क्षमता बढ़े तथा खेती से होने वाली इनकम बेहतर हो।
मुख्य अतिथि श्री निर्मल महतो, विधायक, मांडू (रामगढ़), ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और भाकृअनुप-आरसीईआर, पटना, और केवीके रामगढ़ की कैपेसिटी बिल्डिंग तथा छोटे एवं महिला किसानों को मजबूत बनाने की लगातार कोशिशों की तारीफ की। उन्होंने किसानों से कहा कि वे खेती में उत्पादकता बढ़ाने, मेहनत का बोझ कम करने और मुनाफा बढ़ाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी और यंत्रीकरण अपनाएं।

भाकृअनुप संस्थान, लाइन डिपार्टमेंट, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तथा दूसरे हितधारक ने कुल 14 स्टॉल लगाए थे, जिनमें उच्चस्तरीय खेती की मशीनरी, महिलाओं के लिए अच्छे टूल, इनपुट तकनीकी, सरकारी योजना और सलाह आधारित सेवाएं दिखाई गई। इन स्टॉल में हिस्सा लेने वाले किसानों ने काफी दिलचस्पी दिखाई। कृषि ड्रोन का इस्तेमाल करके पेस्टिसाइड स्प्रे करने का लाइव प्रदर्शन इस कार्यक्रम का एक बड़ा आकर्षण रहा। वैज्ञानिक ने ड्रोन तकनीकी के फायदों के बारे में बताया, जिसमें सटीक स्प्रे, कम इनपुट कॉस्ट, टाइम एफिशिएंसी और पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षा शामिल है।
अधिकारियों ने कब्र्क्स केवीके द्वारा महिलाओं पर केन्द्रित खेती के मशीनीकरण को बढ़ावा देने और फील्ड लेवल पर आधुनिक ल्क्वर्क्र को अपनाने हेतु लगातार की जा रही कोशिशों पर ज़ोर दिया। उन्होंने पहाड़ी एवं पठारी इलाकों में महिला किसानों के लिए हल्के, कम लागत वाले और टिकाऊ खेती के औजारों के महत्व पर भी ज़ोर दिया, यह देखते हुए कि ऐसे औज़ार लेबर का बोझ काफी कम करते हैं और उत्पादकता और आय में सुधार करते हैं।
मेले में ज़ीरो टिलेज मशीन, हैप्पी सीडर, पोटैटो प्लांटर, रोटावेटर, मल्चर एवं रीपर सहित कई तरह के मॉडर्न एवं महिलाओं के लिए अच्छे खेती के औजार दिखाए गए। भाकृअनुप-आरसीईआर, पटना; एफएससीएचपीआर, रांची; केवीके, रामगढ़ के वैज्ञानिकों के साथ-साथ भाकृअनुप–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, झारखंड तथा जिला स्तर के संगठनों के विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक तथा व्यवहारिक समाधान के ज़रिए जगह-जगह की खेती की चुनौतियों को हल करने के लिए किसान-वैज्ञानिक संवाद और तकनीकी सत्र में हिस्सा लिया।

धन्यवाद ज्ञापन सत्र में श्रीमती दीपा प्रियंका, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड, रामगढ़, ने हिस्सा लिया, जिन्होंने गांव की रोजी-रोटी को मजबूत करने और सबको साथ लेकर खेती के विकास को बढ़ावा देने में महिलाओं के लिए फायदेमंद और सस्ते मशीनीकरण के महत्व पर ज़ोर दिया। आखिरी सेशन के दौरान, हिस्सा लेने वाले किसानों को खेती का सामान और छोटे खेती के औजार बांटे गए।
राजगढ़ जिले के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 80% महिला किसानों समेत 550 से ज़्यादा किसानों ने दो दिन के मेले में एक्टिव रूप से हिस्सा लिया, जिससे यह सबको साथ लेकर चलने वाली और तकनीकी से चलने वाली खेती को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बन गया।
यह प्रोग्राम डॉ. अनूप दास, निदेशक, भाकृअनुप–पूर्वी क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, पटना, की नेतृत्व में संस्थान के अनुसूचित जाति उप-योजना (एससीएसपी) बजट के तहत आयोजित किया गया था।
(स्रोत: भाकृअनुप–पूर्वी क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, पटना)







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