9 जून, 2026, ओडिशा
राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष तथा कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग, भुवनेश्वर के सहयोग से मयूरभंज जिले के ररुआँ ब्लॉक में संचालित ओडिशा कृषि सूखा न्यूनीकरण कार्यक्रम (ओएडीमपी) का उद्देश्य जमीनी स्तर की चुनौतियों को समझना तथा सूखा न्यूनीकरण एवं सतत आजीविका के लिए स्थान-विशिष्ट रणनीतियों की पहचान करना है।

कार्यक्रम के अंतर्गत आज तिलाकुटी ग्राम पंचायत के ररुआँ ब्लॉक के 9 गाँवों (तिलाकोटी, जामुनालिया, पनापोसी, धर्माबेड़ा, कांतासिमिला, रेतेइसाही, ममिदिपानी, सिराकोली, पपाड़ा) में ढैंचा आधारित हरी खाद हस्तक्षेप तथा मृदा उर्वरता के लिए इसके महत्व (a. वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण, b. मृदा जैविक कार्बन का निर्माण, तथा c. अकार्बनिक उर्वरकों पर निर्भरता में कमी) का प्रदर्शन किया गया। 140 एकड़ क्षेत्र को आच्छादित करते हुए 97 किसानों के बीच 2800 किलोग्राम बीज वितरित किए गए।
यह क्षेत्रीय प्रदर्शन एवं बीज वितरण आईसीएआर-केंद्रीय शुष्कभूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा संबंधित ग्राम समितियों के समन्वय से किया गया।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्कभूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)







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