नागालैंड ने सतत पोषक तत्व प्रबंधन के लिए रोडमैप तैयार किया, हितधारकों ने उर्वरक उपयोग कम करने की रणनीतियों पर किया विचार-विमर्श 12 जून 2026, नागालैंड

नागालैंड ने सतत पोषक तत्व प्रबंधन के लिए रोडमैप तैयार किया, हितधारकों ने उर्वरक उपयोग कम करने की रणनीतियों पर किया विचार-विमर्श 12 जून 2026, नागालैंड

12 जून 2026, नागालैंड

भाकृअनुप-पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र अनुसंधान परिसर (भाकृअनुप-एनईएच के लिए आरसी), नागालैंड केन्द्र, मेदज़ीफेमा ने आज "उर्वरक उपभोग की वर्तमान स्थिति और इसके उपयोग को कम करने की रणनीतियां" विषय पर एक राज्य स्तरीय हितधारक बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, प्रसार कार्मिकों तथा विकास एजेंसियों ने भाग लिया और नागालैंड में पोषक तत्व उपयोग दक्षता में सुधार तथा सतत कृषि को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर चर्चा की।

कार्यक्रम में श्रीमती लिमानेनला, संयुक्त सचिव, कृषि विभाग, नागालैंड सरकार; श्री सानुजो नेइनू, कृषि निदेशक, नागालैंड सरकार; डॉ. गिरीश पटेल, निदेशक, भाकृअनुप-राष्ट्रीय मिथुन अनुसंधान केन्द्र; डॉ. आई. शकुंतला देवी, अधिष्ठाता, कॉलेज ऑफ वेटरिनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंड्री, नागालैंड; डॉ. पॉलिन अलीला, अधिष्ठाता, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज (एसएएस), नागालैंड विश्वविद्यालय; श्रीमती रोजमेरी एज़ुंग, संयुक्त निदेशक, कृषि निदेशालय सहित भाकृअनुप नागालैंड केन्द्र के वैज्ञानिकों, कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) के प्रमुखों, राज्य कृषि विभाग के अधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा अन्य हितधारकों ने भाग लिया।

Nagaland Charts Roadmap for Sustainable Nutrient Management, Stakeholders Deliberate on Reducing Fertilizer Use

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए डॉ. एच. कलिता, एचओआरसी, भाकृअनुप नागालैंड केन्द्र, ने कृषि उत्पादकता को बनाए रखने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए उर्वरकों के सही स्रोत, सही मात्रा तथा सही समय पर उपयोग के महत्व पर बल दिया।

श्री सानुजो नेइनू ने दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा, मृदा स्वास्थ्य और कृषि लाभप्रदता सुनिश्चित करने के लिए पोषक तत्व उपयोग दक्षता में सुधार के महत्व को रेखांकित किया।

डॉ. गिरीश पटेल ने नागालैंड के पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र में पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण एवं सतत कृषि के लिए पशु-आधारित एकीकृत कृषि पद्धतियों के महत्व पर बल दिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र अनुसंधान परिसर, नागालैंड केन्द्र, मेदज़ीफेमा, नागालैंड)

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