नागालैंड में मिथुन प्रजनन एवं संरक्षण केन्द्र के शुभारंभ तथा वैज्ञानिक मिथुन पालन पर आज एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भाकृअनुप-राष्ट्रीय मिथुन अनुसंधान केन्द्र द्वारा पूर्वोत्तर क्षेत्रीय सामुदायिक संसाधन प्रबंधन सोसायटी के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में डॉ. के. एम. बुजरबरुआ मुख्य अतिथि तथा डॉ. सुरेश एस. होन्नाप्पागोल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
डॉ. गिरीश पाटि, निदेशक, आईसीएआर-राष्ट्रीय मिथुन अनुसंधान केन्द्र ने अपने संबोधन में आजीविका सुधार और संरक्षण के लिए वैज्ञानिक मिथुन पालन के महत्व पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान एनईआरसीओआरएमएस परियोजना के अंतर्गत मिथुन प्रजनन एवं संरक्षण पर एक परिचयात्मक प्रस्तुति दी गई।
इस कार्यक्रम में 107 किसानों एवं अन्य हितधारकों ने भाग लिया। इसके बाद किसान–वैज्ञानिक संवाद सत्र आयोजित किया गया। लाभार्थियों को मिथुन पालन को समर्थन देने हेतु 100 रोल कंटीले तार सहित अन्य आवश्यक सामग्री वितरित किया गया।
औपचारिक सत्र के पश्चात, गणमान्य व्यक्तियों एवं समिति के सदस्यों ने मिथुन प्रजनन एवं संरक्षण केन्द्र का दौरा किया, जहां इस पहल के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सुविधाओं और गतिविधियों की निगरानी एवं समीक्षा की गई।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय मिथुन अनुसंधान केन्द्र, नागालैंड)







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