खरीफ 2026 क्षेत्र दिवस का ब्लूम्सडेल रिसर्च फार्म, चौलदारी में आयोजन

खरीफ 2026 क्षेत्र दिवस का ब्लूम्सडेल रिसर्च फार्म, चौलदारी में आयोजन

18 सितंबर, 2026, श्री विजय पुरम

भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजय पुरम ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में कृषि उत्पादकता और स्थिरता बढ़ाने के उद्देश्य से उन्नत फसल किस्मों, बीज उत्पादन गतिविधियों और चल रहे फसल सुधार अनुसंधान को प्रदर्शित करने के लिए 18 सितंबर, 2026 को चौलदारी स्थित ब्लूम्सडेल रिसर्च फार्म में खरीफ 2026 क्षेत्र दिवस का आयोजन किया।

कार्यक्रम में डॉ. जय सुंदर, निदेशक, भाकृअनुप-सीआईएआरआई; श्री डी. बसंतिया, निदेशक, कृषि, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन; भाकृअनुप-सीआईएआरआई के प्रभागों के प्रमुख; प्रमुख, भाकृअनुप-केवीके, दक्षिण अंडमान; संस्थान के वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मियों सहित लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। खेत के दौरे के दौरान वैज्ञानिकों ने विभिन्न चल रही अनुसंधान गतिविधियों के बारे में जानकारी दी तथा उन्नत किस्मों, प्रजनन सामग्री, बीज उत्पादन प्लॉट और फसल प्रबंधन प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया।

Kharif 2026 Field Day Organized at Bloomsdale Research Farm, Chouldari

क्षेत्रीय प्रदर्शनों के प्रमुख आकर्षणों में विभिन्न धान किस्मों के बीज उत्पादन प्लॉट, आगामी उन्नत धान किस्में, सुगंधित धान, उच्च उपज देने वाली और बहु-तनाव प्रतिरोधी धान लाइनों तथा कुंदरू के जर्मप्लाज्म और मूल्यांकन परीक्षण शामिल थे। धान और दलहन की खेती के लिए उपयुक्त समय-सीमा की पहचान संबंधी परीक्षण भी किए गए। वैज्ञानिकों ने धान, दलहन और तिलहनी फसलों में प्राकृतिक खेती पद्धतियों पर किए जा रहे प्रयोगों के साथ-साथ फार्म में संचालित धान पर एआईसीआरपी परीक्षणों के बारे में भी जानकारी दी।

क्षेत्र दिवस में धान आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण और उपयोग की दिशा में संस्थान के प्रयासों को भी रेखांकित किया गया। भविष्य के प्रजनन कार्यक्रमों में उपयोग के लिए 200 से अधिक धान जर्मप्लाज्म अभिगमनों का रखरखाव और संरक्षण किया जा रहा है। प्रतिभागियों को अंडमान द्वीप समूह की किसानों की धान की किस्मों के बीज उत्पादन के बारे में भी जानकारी दी गई, जिससे स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण, गुणन और व्यापक उपलब्धता में सहायता मिल रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने द्वीपों के लिए उपयुक्त एकीकृत कृषि प्रणाली के रूप में धान-सह-मछली पालन की संभावनाओं और उपलब्ध संसाधनों के कुशल उपयोग के माध्यम से कृषि उत्पादकता तथा आय बढ़ाने की इसकी क्षमता पर भी चर्चा की। इस कार्यक्रम ने वैज्ञानिकों, केवीके कर्मियों, कृषि अधिकारियों और अन्य हितधारकों को क्षेत्र स्तर पर सीधे संवाद करने तथा द्वीपों में फसल उत्पादन को प्रभावित करने वाले प्रमुख अवसरों और बाधाओं पर चर्चा करने का अवसर प्रदान किया।

Kharif 2026 Field Day Organized at Bloomsdale Research Farm, Chouldari

इस अवसर पर बोलते हुए श्री डी. बसंतिया ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में किसानों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डाला और स्थान-विशिष्ट कृषि प्रौद्योगिकियों, गुणवत्तापूर्ण बीजों, विशेष रूप से दलहनों के बीजों की सुनिश्चित उपलब्धता तथा अनुसंधान, विस्तार और विकास एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भाकृअनुप-सीआईएआरआई में चल रहे अनुसंधान प्रयासों की सराहना की और द्वीपों में कृषि के समग्र विकास के लिए भाकृअनुप-सीआईएआरआई के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार कृषि कार्य योजना के कार्यान्वयन की वकालत की।

डॉ. जय सुंदर ने द्वीप परिस्थितियों के अनुकूल उन्नत प्रौद्योगिकियों और किस्मों के तेजी से प्रसार के लिए अनुसंधान, बीज उत्पादन, विस्तार एजेंसियों और किसानों के बीच संबंधों को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि भाकृअनुप-सीआईएआरआई के वैज्ञानिकों ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कृषि के विकास के लिए एक अनुसंधान कार्य योजना तैयार की है, जिसमें द्वीप कृषि की विशिष्ट आवश्यकताओं और चुनौतियों के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजय पुरम)

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