किसान सारथी 2.0 के अंतर्गत किसान सारथी कोष पर संवेदनशीलता एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन भाकृअनुप-अटारी, हैदराबाद द्वारा

किसान सारथी 2.0 के अंतर्गत किसान सारथी कोष पर संवेदनशीलता एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन भाकृअनुप-अटारी, हैदराबाद द्वारा

25 मार्च, 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप–एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट (अटारी), ज़ोन X, हैदराबाद, ने आज भाकृअनुप–क्रिडा (क्रिडा), हैदराबाद, में किसान सारथी 2.0 के अंतर्गत “किसान सारथी कोष” पर एक दिवसीय संवेदनशीलता एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया।

डॉ. वी. प्रवीण राव, कुलपति, कावेरी विश्वविद्यालय, हैदराबाद एवं पूर्व कुलपति, पीजेटीएयू, ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने भविष्य की तैयारियों के लिए कृषि डाटाबेस के डिजिटलीकरण के महत्व पर बल दिया तथा किसान सारथी 2.0 की उन्नत विशेषताओं, विशेषकर मल्टीमीडिया एकीकरण की सराहना की। उन्होंने डिजिटल ज्ञान सहायता प्रणालियों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रतिभागियों से किसानों की समस्याओं के प्रभावी समाधान हेतु अपनी क्षमताओं को बढ़ाने का आग्रह किया।

Sensitization and Awareness Workshop on Kisan Sarathi Kosh under Kisan Sarathi 2.0 Organised by ICAR-ATARI, Hyderabad

डॉ. वी. के. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप–क्रिडा, हैदराबाद, ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और किसान सारथी को एक प्रभावी समस्या-समाधान मंच बताया, जो स्थान-विशिष्ट और व्यावहारिक परामर्श सेवाएं प्रदान करता है।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ. शेख एन. मीरा, निदेशक, भाकृअनुप–अटारी, हैदराबाद, ने की। उन्होंने किसान सारथी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया, जो किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच एक डिजिटल सेतु का कार्य करता है।

डॉ. पी.पी. मुरुगन, निदेशक (प्रसार), टीएनएयू, कोयंबटूर; डॉ. शोभामणि, निदेशक (प्रसार), एसवीवीयू, तिरुपति; प्रो. एम. किशन कुमार, निदेशक (प्रसार), पी. वी. नरसिंहा राव तेलंगाना वेटरनरी यूनिवर्सिटी, हैदराबाद; तथा डॉ. चंद्रशेखर, सहायक निदेशक (प्रसार), पीजेटीएयू, राजेन्द्रनगर, हैदराबाद, ने भी किसान सारथी 2.0 के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान किसान सारथी 2.0 के अंतर्गत त्रिस्तरीय कॉल फ्लो, प्रश्न प्रबंधन प्रणाली, सेवा स्तर समझौते (एसएलए) तथा हितधारकों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर सत्र आयोजित किए गए, जिनमें किसान सारथी कोष भी शामिल है।

Sensitization and Awareness Workshop on Kisan Sarathi Kosh under Kisan Sarathi 2.0 Organised by ICAR-ATARI, Hyderabad

किसान सारथी 2.0 की नई विशेषताओं पर एक विशेष सत्र श्री सैलू मुदिराज, प्रोडक्ट मैनेजर, किसान सारथी, डीआईसी द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण (हैंड्स-ऑन) और समूह चर्चा भी शामिल रही, जिसमें किसान सारथी कोष के तहत वस्तु-आधारित सामग्री विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों ने किसानों की समस्याओं के समाधान और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के फील्ड स्तर के मुद्दों के निवारण में सक्रिय भागीदारी की।

इस कार्यक्रम में 72 कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के वैज्ञानिकों सहित भाकृअनुप–क्रिडा के कर्मचारी, वैज्ञानिक और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के प्रसार शिक्षा निदेशकों सहित कुल 105 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप–एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट, ज़ोन X, हैदराबाद)

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