23 फरवरी, 2026, सुंदरनगर
आज केवीके मंडी, हिमाचल प्रदेश, में “किसान सारथी: विषयवस्तु निर्माण, प्रदर्शन तता सलाहकारी सेवा” पर एक राज्य स्तरीय संवेदीकरण एवं क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला “किसान सारथी 2.0: विस्तरीकरण, क्रियान्वयन, रखरखाव तथा सहायता” प्रोजेक्ट के तहत किया गया। कार्यशाला का मकसद किसानों को समय पर और वैज्ञानिक तरीके से प्रमाणित सलाह देने में किसान सारथी प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल के लिए हितधारकों की क्षमता को मजबूत करना था। डॉ. विनोद शर्मा, निदेशक, विस्तार शिक्षा, सीएसकेएचपीकेवी, पालमपुर, वर्कशॉप के मुख्य अतिथि थे।
केवीके मंडी के प्रमुख, डॉ. पंकज सूद ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और किसानों को सलाह एवं कॉल सेवा के लिए खास ऐप का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने संदेह के समाधान करने और तकनीकी टीम के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विशेषज्ञ से भी बातचीत की और पोर्टल को और मजबूत बनाने हेतु सुधार और अपेक्षित उन्नयन की सलाह दिया।
तकनीकी सत्र दौरान, डॉ. आशीष संतोष मुराई, वरिष्ठ वैज्ञानिक तथा नोडल ऑफिसर (किसान सारथी 2.0), भाकृअनुप-अटारी, लुधियाना, ने श्रीमती कुलदीप कौर, YP-II, भाकृअनुप-अटारी, लुधियाना, के साथ मिलकर किसान सारथी एक्सपर्ट ऐप के नए सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने सलाहकारी कार्य निष्पादन तकनीक, विशेषज्ञ की भूमिका एवं जिम्मेदारियां, तथा समेकित वीडियो कॉलिंग और कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं के बारे में बताया। सहभागी चर्चाओं से प्रतिभागियों को प्लेटफॉर्म के परिचालन संबंधी पहलुओं के बारे में स्पष्टता मिली।

किसान सारथी कोष पर एक खास सेशन में कंटेंट स्टैंडर्ड्स और अप्रूवल तकनीक पर प्रकाश डाला गया। और कंटेंट बनाने तथा फैलाने की विधि दिखाया गया। सलाह की गुणवत्ता, प्रासंगिकता और वैज्ञानिक प्रमाणीकरन सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया। प्रतिभागियों को केएस कोष का इस्तेमाल करके खास लोकेशन और किस्म आधारित सलाह का विकास करने की व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दी गई, जिसके दौरान उन्होंने विशेषज्ञों निर्देशन में सक्रिय सलाह का मसौदा तैयार किया और उसे बेहतर बनाया गया।
कार्यशाला में कार्यान्वयन रणनीतियाँ, अंतिम क्षोर तक सलाह निष्पादन को मजबूत करने एवं प्लेटफॉर्म का असर बढ़ाने के लिए प्रतिभागियों का फीडबैक लेने पर खास चर्चा के साथ खत्म हुई। इस प्रोग्राम ने डिजिटल सलाह सेवा के लिए किसान सारथी 2.0 का अच्छे तरीके से इस्तेमाल करने में केवीके और अटारी के स्टेकहोल्डर्स की क्षमता को सफलतापूर्वक मजबूत किया, जिससे समय पर और भरोसेमंद जानकारी देकर किसानों तक पहुँच बेहतर हुई।
(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, ज़ोन-I, पीएयू कैंपस, लुधियाना)







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