सरकंडा (Saccharum spontaneum) अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में उगने वाली सबसे समस्याग्रस्त खरपतवार प्रजातियों में से एक है। यह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों के लिए गश्त एवं निगरानी गतिविधियों में गंभीर बाधा उत्पन्न करती है, जिससे घुसपैठ तथा अवैध सीमा पार गतिविधियों का जोखिम बढ़ जाता है।

इस खरपतवार के प्रबंधन की एक प्रभावी रणनीति का सफल प्रदर्शन भाकृअनुप–खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर के अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना–खरपतवार प्रबंधन (एआईसीआरपी–डब्ल्यूएम) केन्द्र, जम्मू द्वारा किया गया। ड्रोन प्रौद्योगिकी के माध्यम से ग्लाइफोसेट 2.0 किलोग्राम प्रति हैक्टर के साथ 1 प्रतिशत यूरिया एवं उपयुक्त सर्फेक्टेंट का प्रयोग सरकंडा (Saccharum spontaneum) तथा इसके साथ उगने वाली अन्य खरपतवारों के प्रभावी नियंत्रण में अत्यंत सफल सिद्ध हुआ। यह तकनीक अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में खरपतवार प्रबंधन के लिए अत्यधिक प्रभावी पाई गई।
(स्रोत: भाकृअनुप–खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर)







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