जल उपयोग दक्षता पर शीतकालीन स्कूल कार्यक्रम का उद्घाटन

जल उपयोग दक्षता पर शीतकालीन स्कूल कार्यक्रम का उद्घाटन

8 जनवरी, 2024, जोधपुर

कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर में आज "सीमित जल स्थितियों के तहत सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों में उन्नति के माध्यम से जल उपयोग दक्षता तथा उत्पादकता में सुधार" विषय पर 21 दिवसीय शीतकालीन स्कूल कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।

Dr. S.K. Malhotra (PD ICAR-DKMA)  Dr. S.K. Malhotra (PD ICAR-DKMA)

मुख्य अतिथि, डॉ. एस.के. मल्होत्रा, परियोजना निदेशक, भाकृअनुप-कृषि ज्ञान प्रबंधन निदेशालय तथा पूर्व कृषि एवं बागवानी आयुक्त ने कहा कि पीएमकेएसवाई योजना के तहत अब तक 9.0 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई के लिए कवर किया गया है। डॉ. मल्होत्रा ने आगे कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली के माध्यम से 26 फसलों में सूक्ष्म सिंचाई का कार्यक्रम पूरा कर लिया है। उन्होंने कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए नई फसलें शुरू करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने वाले अनाज ऐमारैंथ, चिया, असालियो, क्विनोआ, कैमोमाइल तथा चिकोरी में नई किस्मों और प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए एयू, जोधपुर की सराहना की।

Inauguration of Winter School Programme on Water Use Efficiency  Inauguration of Winter School Programme on Water Use Efficiency

डॉ. बी.आर. चौधरी, कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर ने जल उपयोग दक्षता में सुधार के लिए शुष्क, अर्द्ध-शुष्क पारिस्थितिकी तंत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के दायरे के बारे में बात की।

21 दिवसीय पाठ्यक्रम में जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान तथा दिल्ली सहित सात राज्यों के कुल 25 प्रतिभागी भाग लेंगे।

(स्रोत: भाकृअनुप-कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर)

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