22 मार्च, 2026, मुंबई
“हीलिंग फिन्स” – महाराष्ट्र के पहले बहु-विशेषज्ञ मत्स्य क्लिनिक एवं मोबाइल फिश केयर यूनिट की आधारशिला आज भाकृअनुप–केन्द्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान (भाकृअनुप-सिफे), मुंबई में रखी गई।
इसका शिलान्यास मुख्य अतिथि अधिवक्ता आशीष शेलार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा संरक्षक मंत्री, मुंबई उपनगर, महाराष्ट्र सरकार, द्वारा किया गया। समारोह में वर्सोवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हारून राशिद खान, मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार, संजय कुमार शिंदे तथा मुंबई के डॉ. एन.पी. साहू, निदेशक, भाकृअनुप–सिफे, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।ies.

“हीलिंग फिन्स” सुविधा भाकृअनुप–सीआईएफई परिसर में जलीय पर्यावरण एवं स्वास्थ्य प्रबंधन (एईएचएम) प्रभाग द्वारा स्थापित की जा रही है, जिसे जिला योजना समिति, मुंबई उपनगर, महाराष्ट्र सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त है। वर्सोवा में स्थित यह केंद्र मछली पालन करने वाले किसानों, झींगा पालनकर्ताओं, एक्वेरियम मालिकों और सजावटी मछली शौकीनों के लिए रोग निदान एवं उपचार सहित समग्र मत्स्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। इस पहल में चार-स्तरीय दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसमें क्लिनिकल सेवाएं, मोबाइल आउटरीच, उन्नत निदान और टेली हेल्थ सेवाएं शामिल हैं, ताकि समग्र मत्स्य स्वास्थ्य प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, एक मोबाइल फिश केयर यूनिट भी जोड़ी गई है, जो खेत और क्षेत्रीय स्तर पर समय पर उपचार एवं तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराएगी।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. एन.पी. साहू के स्वागत संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद डॉ. मेघा के. बेडेकर, प्रधान वैज्ञानिक, एईएचएम प्रभाग की प्रमुख एवं परियोजना की मुख्य अन्वेषक द्वारा क्लिनिक और मोबाइल यूनिट की अवधारणा, अवसंरचना तथा कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस दौरान श्री हारून राशिद खान ने महानगरीय क्षेत्र में इस प्रकार की सुविधा की आवश्यकता और मत्स्य क्षेत्र के हितधारकों के लिए इसके संभावित लाभों पर जोर दिया।

इस अवसर पर गणमान्य व्यक्तियों ने भाकृअनुप–सिफे की प्रमुख सुविधाओं, जैसे जलीय जैव विविधता संग्रहालय और एक्वेरियम का भी दौरा किया तथा मत्स्य शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार में संस्थान के योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम का समापन मुंबई उपनगर की सहायक मत्स्य आयुक्त ऐश्वर्या रणदिवे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस कार्यक्रम में 250 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, छात्र, मछुआरा समितियों के प्रतिनिधि और मुंबई उपनगर समिति के कर्मचारी शामिल थे।
(स्रोत: भाकृअनुप केन्द्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान, मुंबई)







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