हल्दी के प्रसंस्करण में प्रभावी सुखाने के लिए उबले हुए प्रकंदों को एक समान टुकड़ों में काटना आवश्यक होता है। चाकू से पारंपरिक कटाई धीमी, श्रमसाध्य और एकरस होती है तथा इससे चोट भी लग सकती है, जबकि व्यावसायिक विद्युत-संचालित स्लाइसर अक्सर महंगे, भारी और पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों के लिए कम उपयुक्त होते हैं।

इन सीमाओं को दूर करने के लिए एक हल्का हाथ से संचालित स्लाइसर विकसित किया गया, जिसमें पैडल और हाथ से संचालित दोनों तरीके हैं। यह मशीन पोर्टेबल है, इसके लिए बिजली की आवश्यकता नहीं होती और इसे एक या दो व्यक्तियों द्वारा संचालित किया जा सकता है। इसका सरल संचालन इसे लिंग-निरपेक्ष बनाता है और पुरुष एवं महिला दोनों उपयोगकर्ताओं द्वारा इसके उपयोग के लिए उपयुक्त है।
प्रदर्शन मूल्यांकन से पता चला कि एक व्यक्ति द्वारा पैडल से संचालन करने पर लगभग 38 किग्रा/घंटा क्षमता प्राप्त हुई, जबकि चाकू के उपयोग से 9.5 किग्रा/घंटा की क्षमता प्राप्त हुई, जिसके परिणामस्वरूप लगभग चार गुना अधिक मानवशक्ति प्रभावशीलता प्राप्त हुई। दो व्यक्तियों द्वारा पैडल से संचालन करने पर क्षमता बढ़कर लगभग 57 किग्रा/घंटा हो गई। मशीन अपेक्षाकृत समान मोटाई के टुकड़े भी तैयार करती है, जिससे अधिक समान रूप से सुखाने में मदद मिलती है।

विकसित मशीन का उपयोग हल्दी, अदरक, चुकंदर, आलू आदि के लिए किया जा सकता है। कुल मिलाकर, यह मशीन पहाड़ी क्षेत्रों में श्रम कठिनाई को कम करने और छोटे स्तर के प्रसंस्करण की दक्षता में सुधार करने के लिए एक पोर्टेबल, बिजली-मुक्त और किसान-अनुकूल समाधान प्रदान करती है।
(स्रोत: भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र, उमियम, मेघालय)







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