एनडीएमए द्वारा नई दिल्ली में सूखा न्यूनीकरण परियोजना पर राष्ट्रीय शुभारंभ-सह-प्रारंभिक कार्यशाला आयोजित

एनडीएमए द्वारा नई दिल्ली में सूखा न्यूनीकरण परियोजना पर राष्ट्रीय शुभारंभ-सह-प्रारंभिक कार्यशाला आयोजित

17 मार्च, 2026, नई दिल्ली

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष के अंतर्गत ‘बारह सर्वाधिक सूखा-प्रभावित राज्यों के लिए उत्प्रेरक सहायता’ परियोजना के लिए राष्ट्रीय स्तर की शुभारंभ-सह-प्रारंभिक कार्यशाला का आयोजन एनएएससी कॉम्प्लेक्स में किया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय वर्षा आधारित क्षेत्र प्राधिकरण तथा अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान के सहयोग से आयोजित किया गया।

इस परियोजना का उद्देश्य बारह जलवायु-संवेदनशील राज्यों—आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात और उत्तर प्रदेश—में सूखा न्यूनीकरण प्रयासों को सुदृढ़ करना तथा लचीले परिदृश्यों को बढ़ावा देना है। यह विशेष रूप से सूखा-प्रभावित क्षेत्रों के छोटे और सीमांत किसानों के लिए तैयारी, जलवायु अनुकूलन तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन को सशक्त बनाने पर केन्द्रित है।

NDMA Organises National Launch-cum-Inception Workshop on Drought Mitigation Project in New Delhi

अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. कृष्णा एस. वत्सा, सदस्य एवं विभागाध्यक्ष, एनडीएमए तथा तकनीकी सलाहकार समिति के अध्यक्ष ने परियोजना की उत्पत्ति और महत्व पर प्रकाश डाला। श्री एस. राकेश कुमार, संयुक्त सचिव, एनडीएमए ने कार्यशाला के उद्देश्यों को रेखांकित किया।

परियोजना पर अपने विचार डॉ. वी.के. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप–क्रिडा, हैदराबाद तथा डॉ. हिमांशु पाठक, महानिदेशक, आईसीआरआईसैट, हैदराबाद, ने प्रस्तुत किया।

डॉ. सुषमा सुधिश्री, विशेषज्ञ, एनआरआरए, ने निगरानी एवं मूल्यांकन ढांचा प्रस्तुत किया, जिसमें डेटा संग्रहण की कार्यप्रणालियाँ और उपकरण शामिल थे। डॉ. शैलेंदर कुमार, आईसीआरआईसैट, हैदराबाद, ने कार्यान्वयन ढांचे का विवरण दिया, जिसमें दिशा-निर्देश, परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू), डैशबोर्ड तथा तकनीकी संस्थानों की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां शामिल थीं।

NDMA Organises National Launch-cum-Inception Workshop on Drought Mitigation Project in New Delhi

इस कार्यशाला में डॉ. आलोक सिक्का, भारत प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय जल प्रबंधन संस्थान सहित विभिन्न राज्यों के राज्य एवं जिला नोडल अधिकारी तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम देश के सूखा-प्रभावित क्षेत्रों में परियोजना के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु समन्वित रणनीतियों पर विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)

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