24 अप्रैल, 2026, मुंबई
डॉ. एस.एन. झा, उप महानिदेशक (कृषि अभियांत्रिकी), भाकृअनुप ने आज भाकृअनुप–केन्द्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सिरकॉट), मुंबई, का दौरा कर संस्थान के प्रदर्शन की समीक्षा की। इस अवसर पर वैज्ञानिकों के कार्यों के मूल्यांकन हेतु एक वैज्ञानिक संवाद बैठक भी आयोजित किया गया।
डॉ. झा ने वैज्ञानिकों को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति तथा संस्थान के समग्र प्रदर्शन में सुधार के लिए निरंतर एवं समर्पित कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिकों को नवीन विचारों की खोज पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए तथा समाज के हित में कार्य करना चाहिए।

डॉ. एस.के. शुक्ला, निदेशक, भाकृअनुप–सिरकॉट ने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और परिषद के सहयोग एवं समर्थन से हुए संस्थागत परिवर्तन को रेखांकित किया।
इस अवसर पर डॉ. झा द्वारा तीन उत्पादों का विमोचन किया गया, जिनमें भाकृअनुप–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल फाइबर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कोलकाता के सहयोग से विकसित कॉटन-हेम्प मिश्रित शर्ट (सीआरपी ऑन नेचुरल फाइबर्स के अंतर्गत), क्रीज एवं रिंकल-फ्री शर्ट तथा सिरकॉट एक्स्ट्रा-लॉन्ग स्टेपल कैलिब्रेशन कॉटन शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, भाकृअनुप–सिरकॉट ने मेसर्स प्रो-ऑर्थो परफेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ ‘हीट उत्पन्न करने वाले स्मार्ट टेक्सटाइल्स के लिए कंडक्टिव यार्न और कंडक्टिव पेस्ट’ तकनीक के वाणिज्यीकरण हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जो उप-महानिदेशक की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में, डॉ. झा का संस्थान, भारतीय कपास सुधार सोसायटी, इंडियन फाइबर सोसाइटी तथा भारतीय कृषि अभियांत्रिकी सोसाइटी (मुंबई चैप्टर) द्वारा सम्मान किया गया।
(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई)







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