16 मार्च, 2026, होशियारपुर
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी, के नौ भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशिक्षुओं के एक दल ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके), होशियारपुर, का दौरा किया।
दौरे की शुरुआत केवीके के वैज्ञानिकों द्वारा दी गई जानकारी से हुई, जिसमें केन्द्र के उद्देश्यों और प्रमुख गतिविधियों को रेखांकित किया गया। इसमें तकनीक के प्रसार के लिए फ्रंट लाइन प्रदर्शन, स्थान-विशिष्ट सत्यापन हेतु ऑन-फार्म परीक्षण, तथा किसानों एवं ग्रामीण युवाओं के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम शामिल थे।

मैदानी भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण फार्म, प्रयोगशालाओं, टेक्नोलॉजी पार्क तथा विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों का अवलोकन किया। उन्होंने व्यावहारिक और क्षेत्र-उपयुक्त मॉडलों को देखा, जैसे—घरेलू खाद्य सुरक्षा के लिए किचन तथा पोषण वाटिका, औषधीय पौधों वाला हर्बल गार्डन, आय वृद्धि के लिए वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन, तथा डेयरी एवं बकरी पालन को समाहित करने वाली एकीकृत कृषि प्रणालियां। दौरे का मुख्य आकर्षण धान के पुआल आधारित बायोगैस संयंत्र रहा, जो फसल अवशेष प्रबंधन तथा नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का एक पर्यावरण-अनुकूल समाधान प्रस्तुत करता है।
प्रशिक्षुओं ने केवीके होशियारपुर द्वारा सतत अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने, पराली जलाने में कमी लाने तथा जागरूकता अभियानों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं आईईसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस दौरे को ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताते हुए प्रयोगशाला से खेत तक तकनीक पहुंचाने में केवीके की प्रभावी भूमिका की प्रशंसा की।

उन्होंने प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, सहायक कृषि उद्यमों के विकास तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों के सशक्तिकरण में केन्द्र के योगदान को भी सराहा।
(स्रोत: भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, ज़ोन-I, पीएयू परिसर, लुधियाना)







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