31 जुलाई, 2026, अल्मोड़ा
भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा, के हवालबाग प्रक्षेत्र में आज भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए "पर्वतीय कृषि एवं संस्थागत नवाचार" विषय पर एक दिवसीय विशेष उन्मुखीकरण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन डॉ. लक्ष्मी कान्त, निदेशक, भाकृअनुप-वीपीकेएएस, के मार्गदर्शन में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा प्रशासनिक अधिकारियों को पर्वतीय क्षेत्रों की विशिष्ट कृषि चुनौतियों, वैज्ञानिक अनुसंधानों तथा ग्रामीण विकास की संभावनाओं से अवगत कराना था।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ डॉ. बृज मोहन पाण्डेय, प्रभागाध्यक्ष, फसल उत्पादन, भाकृअनुप-वीपीकेएएस, के स्वागत एवं उद्घाटन संबोधन के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के विभिन्न प्रमुख विभागों, जैसे फसल सुधार, फसल उत्पादन, फसल सुरक्षा और सामाजिक विज्ञान अनुभाग द्वारा चलाई जा रही अत्याधुनिक अनुसंधान और विकास गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रशिक्षु अधिकारियों को दी गई।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान द्वारा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के सशक्तिकरण के लिए संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं पर प्रकाश डाला गया। इसमें जनजातीय उपयोजना, अनुसूचित जाति उपयोजना और उत्तर-पूर्वी पर्वतीय कार्यक्रमों के अंतर्गत संचालित विस्तार गतिविधियों, तकनीक हस्तांतरण और किसान-हितैषी पहलों की जानकारी साझा की गई, जिससे प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीण विकास की रणनीतियों को जमीनी स्तर पर समझ सकें।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रशिक्षु अधिकारियों ने संस्थान की अत्याधुनिक यांत्रिक कार्यशाला और ‘मिलेट वैल्यू चेन’ (श्री अन्न मूल्य श्रृंखला) का सजीव भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें पर्वतीय कृषि में मूल्य संवर्धन, कृषि यंत्रीकरण, लघु उद्यमिता के विकास तथा मोटे अनाजों (श्री अन्न) पर आधारित प्रसंस्करण एवं विपणन से जुड़े व्यावहारिक एवं तकनीकी पहलुओं से रूबरू कराया गया।
यह कार्यक्रम युवा प्रशासनिक अधिकारियों के लिए पर्वतीय कृषि के भविष्य को आकार देने और भविष्य की नीतियों के निर्धारण में बेहद उपयोगी साबित होगा।
(भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा)







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