भाकृअनुप-सीसीएआरआई, गोवा ने उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा सतत मृदा स्वास्थ्य पद्धतियों पर कार्यक्रम का किया आयोजन

भाकृअनुप-सीसीएआरआई, गोवा ने उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा सतत मृदा स्वास्थ्य पद्धतियों पर कार्यक्रम का किया आयोजन

5 जून, 2025, गोवा

भाकृअनुप–केननननन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा ने आज उत्तर गोवा के नेउरा ग्राम पंचायत सभागार में “खेत बचाओ अभियान: उर्वरकों का संतुलित उपयोग और सतत मृदा स्वास्थ्य पद्धतियाँ” विषय पर एक प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने खेत बचाओ अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी तथा मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक खादों और प्राकृतिक खेती पद्धतियों के महत्व पर बल दिया, ताकि मृदा स्वास्थ्य, पारिस्थितिक संतुलन और पर्यावरणीय स्थिरता को बनाए रखा जा सके। उन्होंने किसानों को भाकृअनुप-सीसीएआरआई, गोवा द्वारा विकसित फर्टिलाइज़र कैलकुलेटर गोवा मोबाइल अनुप्रयोग के बारे में भी जानकारी दी और बताया कि इसका उपयोग वैज्ञानिक उर्वरक अनुशंसा तथा पोषक तत्व प्रबंधन के लिए किस प्रकार किया जा सकता है।

ICAR-CCARI, Goa Organises Khet Bachao Abhiyan: Balanced Use of Fertilizers and Sustainable Soil Health Practices

भाकृअनुप-सीसीएआरआई, गोवा ने उर्वरकों के संतुलित उपयोग और सतत मृदा स्वास्थ्य पद्धतियों पर कार्यक्रम आयोजित किया

कार्यक्रम की अध्यक्षता नेउरा ग्राम पंचायत के सचिव तथा उत्तर गोवा जिले के तिसवाड़ी तालुका के नेउरा गांव के तलाठी द्वारा की गई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से संवाद किया और सतत फसल उत्पादन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक अनुशंसाओं, जैविक खादों और प्राकृतिक खेती पद्धतियों को अपनाने में अपनी रुचि व्यक्त की।

कार्यक्रम में कुल 32 किसानों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा)

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